6 अप्रैल से शुरु है नवरात्रि का पर्व

2 रविवार का योग बना रहा है अधिक फलदायी

MEERUT 6 अप्रैल से चैत्र नवरात्रि की शुरुआत होगी। इस बार की नवरात्रि कई शुभ संयोग लेकर आएंगी। ज्योतिषों के अनुसार इन 9 दिनों में पांच बार सवार्थ सिद्दि और दो बार रवि योग आ रहे हैं। ऐसा माना जा रहा है कि ऐसे योग बनते हैं तो देवी साधना का विशेष फल प्राप्त होता है। पंडितों के मुताबिक यह नवरात्रि धन और धर्म की वृद्धि के लिए खास रहने वाला योग बना रहा है।

रेवती नक्षत्र से है शुरुआत

नवरात्र की शुभ संयोग की शुरुआत छह अप्रैल को रेवती नक्षत्र से हो रही है.इसके बाद 7 अप्रैल यानी द्वितीय तिथि को सर्वार्थ सिद्धि योग ( लक्ष्मी पंचमी) होगी। वहीं गुरुवार 11 अप्रैल को पष्ठी तिथि रवियोग फिर से होगा। वहीं शुक्रवार को 12 अप्रैल को सप्तमी तिथि सर्वार्थसिद्धि योग होगा। जिसके बाद शनिवार 13 अप्रैल को महाअष्टमी की सुबह 11 बजकर 42 मिनट के बाद नवमी तिथि स्मार्त मतानुसार योग होगा। रविवार 14 अप्रैल को नवमी वैष्णव मतानुसार महानवमी रवीपुष्य नक्षत्र और सर्वार्थसिद्धि योग सुबह 9 बजकर 37 मिनट तक होगा।

ऐसे करे पूजा

पंडित चिंतामणि जोशी के अनुसार सबसे पहले सुबह स्नान करके मिट्टी की वेदी बनाएं। इसके बाद इस मिट्टी की वेदी पर घट स्थापित करें। घट पर कुल देवी की प्रतिमा स्थापित करें.रोज सुबह दुर्ग सप्तशती का पाठ करें। इसके साथ ही नवरात्र में अखंड दीप जलाने का बेहद फल मिलता है। अष्टमी और नवमी के दिन कुमारी पूजन व कन्याभोज का आयोजन करें।

नौ दिन नौ शुभ संयोग

6 अप्रैल- घट स्थापना रेवती नक्षत्र में

7 अप्रैल- सर्वार्थ सिद्धि शुभ योग द्वितीया

8 अप्रैल- कार्य सिद्धि रवि योग तृतीया

9 अप्रैल- सर्वार्थ सिद्धि यो चतुर्थी

10 अप्रैल-लक्ष्मी पंचमी योग पंचमी तिथि

11 अप्रैल- षष्ठी तिथि रवियोग

12 अप्रैल- सप्तमी तिथि सर्वार्थसिद्धि योग

13 अप्रैल- अष्टमी तिथि स्मार्त मतानुसार

14 अप्रैल-रवि पुष्य नक्षत्र और सर्वार्थ सिद्धि नवमी वैष्णव मतानुसार

तीन योगों का महायोग

ज्योतिष भारत ज्ञान भूषण के अनुसार इसबार पंचक समाप्ति के पश्चात ही नवरात्र घट स्थापना सुबह 7.22 मिनट पर होगी। उनके अनुसार नवरात्र 14 अप्रैल रविवार को पुष्य नक्षत्र धृति योग, कौलव करण के सम्पन्न होंगे। उसी दिन रवि योग, सर्वार्थ सिद्धि व रवि पुष्य योग, कौलव कारण पुष्य योग जैसे महत्वपूर्ण तीन योगों का युग्म महायोग बना रहा है।

इसबार पूरे नौ ही बहुत अच्छे संयोग बन रहे हैं, माता रानी की इस नवरात्र अपने हर भक्त पर कृपा होगी, इसलिए नवरात्र में जो भी मां का सच्चे दिल से गुणगान करेगा उसको दो गुणा फल मिलेगा।

पंडित श्रीधर त्रिपाठी

इसबार नवरात्रों में दुर्गा शक्ति घोड़े पर सवार होकर आ रही हैं। हम लोगों के लिए वरदाई है, जो बहुत ही शुभकारी है।

भारत ज्ञान भूषण,