पहले से 10 परसेंट ज्‍यादा मेमोरी खर्च करेगा Chrome ब्राउजर
कानपुर। Google Chrome यूजर्स के लिए यह बुरी खबर हो सकती है कि आजकल क्रोम ब्राउजर आपके कंप्यूटर सिस्टम की RAM का ज्यादा इस्तेमाल कर रहा है] यानी कि पहले की अपेक्षा अब गूगल क्रोम 10 से 13 परसेंट ज्यादा मेमोरी का इस्तेमाल कर रहा है! द वर्ज ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि दुनिया भर की टेक कंपनियों के लिए परेशानी का सबब बने रहे Spectre CPU बग से निपटने के लिए Google Chrome ने जो नई अपडेट जारी की है अब वह यूजर के कंप्यूटर पर कुछ ज्यादा लोड डालेगी। मतलब यह है कि अगर आपने क्रोम ब्राउज़र पर एक समय पर कई सारे टैब खोल रखे हैं तो जान लीजिए कि आपके सिस्टम की रैम कंजप्‍शन पहले से काफी बढ़ जाएगी इससे आपका सिस्टम स्लो भी हो सकता है।

ब्राउजर और सिस्‍टम को बचाने के लिए लॉन्‍च किया site isolation फीचर
गूगल ने अपनी ऑफिशियल ब्लॉग पोस्ट में बताया है कि क्रोम ब्राउजर के नए यानि 67 वर्जन अपडेट में कंपनी ने एक नया साइट आइसोलेशन फीचर शुरू किया है। यह फीचर ब्राउज़र में अपने आप ही एक्टिवेट रहेगा। बता दें कि इस नए फीचर का काम है CPU पर होने वाले Spectre side-channel attacksसे आपके सिस्टम को बचाना। इसी साल जनवरी और फिर मई में खोजे गए स्‍पेक्‍टर CPU बग के कारण कंप्यूटर की काफी प्रोसेसिंग और मेमोरी कंजप्‍शन अपने आप शुरू हो जाता है। अ Chrome का यह नया फीचर उसे रोकने की कोशिश करेगा लेकिन इस कोशिश में Chrome खुद भी आपके कंप्यूटर की रैम को ज्यादा इस्तेमाल करेगा।

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कम रैम वाले सिस्‍टम पर हो सकती परेशानी
क्रोम पर आया नया साइट आइसोलेशन फीचर पहले की अपेक्षा ज्यादा रेंडर प्रोसेसिंग करेगा, जिसके कारण इसकी ओवरऑल परफॉर्मेंस पर कुछ असर दिख सकता है। यह बात Google के सॉफ्टवेयर इंजीनियर चार्ली रेईस ने खुद कही है। उनके मुताबिक इस नए फीचर के कारण क्रोम पहले की अपेक्षा 10 से 13 परसेंट ज्यादा कंप्यूटर मेमोरी का इस्तेमाल करेगा क्योंकि ब्राउजर खुद अपने बैकग्राउंड में तमाम सारे नए प्रोसेस हैंडल कर रहा होगा। वैसे क्रोम का यह नया फीचर तमाम ब्राउजर यूजर्स के लिए खुशखबरी तो नहीं है, क्योंकि जिन यूजर्स के कंप्यूटर की रैम 4GB या उससे कम है उन्हें क्रोम का इस्तेमाल मुश्किल भरा लग सकता है।

लैपटॉप की बैट्री लाइफ के लिए भी क्रोम हो रहा है ऑप्‍टीमाइज
गूगल के सिक्‍योरिटी ब्‍लॉग के मुताबिक क्रोम के नए वर्जन द्वारा मेमोरी का बढ़ा हुआ इस्तेमाल सभी प्लेटफार्म पर देखने को मिलेगा। यानी ना सिर्फ Windows बल्कि मैक यूजर्स को भी क्रोम, ज्यादा मेमोरी कंज्‍यूम करके परेशान कर सकता है। इस कारण उनके सिस्टम की स्पीड में कुछ कमी आ सकती है। हालांकि कंपनी ने कहा है कि हम इसके लिए काफी प्रयास कर रहे हैं कि अपने इस नए सिक्योरिटी फीचर के बावजूद क्रोम फास्ट चले। कंपनी की ब्‍लॉग पोस्‍ट में कहा गया है कि हम क्रोम को इस बात के लिए भी ऑप्टिमाइज कर रहे हैं कि वह लैपटॉप की बैटरी लाइफ पर ज्यादा प्रेशर ना डालें। जैसा कि आमतौर पर सुनने को मिलता है कि क्रोम ब्राउजर लैपटॉप की बैटरी लाइफ तेजी से कम करता है।

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