-आधे घंटे तक खूब हुई मनमानी, नहीं हुई कार्रवाई

-टिकट चेक करने के विवाद में यात्री बना निशाना

GORAKHPUR: रेलवे स्टेशन पर रविवार सुबह टिकट चेकिंग के विवाद में पैंसेजर की जमकर धुनाई हुई. स्केलेटर से लेकर फ‌र्स्ट क्लास गेट के सामने तक करीब आधे घंटे तक जमकर गुंडई हुई. पैंसेजर को पीटते-घसीटते फोर व्हीलर सवार कुछ लोगों ने अपहरण का प्रयास भी किया. प्रीपेड बूथ पर तैनात जीआरपी सिपाही की सक्रियता से पैंसेजर मनबढ़ों के हाथ से छूटा. जीआरपी थाना पर जुटे लोगों ने पैंसेजर पर दबाव बनाकर एफआईआर नहीं दर्ज होने दी. इंस्पेक्टर राणा राजेश सिंह ने बताया कि ऐसी कोई घटना सामने नहीं आई. कोई तहरीर मिलेगी तो कार्रवाई की जाएगी.

टिकट चेकिंग का विवाद, सब बने रहे तमाशबीन

रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर दो, स्केलेटर पर टिकट चेकिंग हो रही थी. करीब साढ़े नौ बजे कुशीनगर एक्सप्रेस के स्लीपर कोच में सवार कुशीनगर, हाटा निवासी पैसंजर धनेश चौबे भी ट्रेन से उतरा. वह सामान सहित स्केलेटर से बाहर निकल रहा था. तभी एक टीटीई ने उसे रोक लिया. अधिक सामान का हवाला देते हुए टीटीई ने उससे टिकट मांगा. मोबाइल पर टिकट दिखाने के दौरान पैंसेजर का महंगा हैंडसेट गिर गया. इसी बात को लेकर उसकी टीटीई से कहासुनी हो गर्ठ. आरोप है कि गुस्साए टीटीई ने पैंसेजर की पिटाई शुरू कर दी. पैंसेजर किसी तरह से भागकर फ‌र्स्ट क्लास गेट के पास पहुंचा. तभी फोर व्हीलर सवार कुछ लोग आ गए. उन लोगों ने पैंसेजर को पीटकर जबरन वाहन में बैठाने का प्रयास किया. इससे करीब आधे घंटे तक स्टेशन परिसर में अफरा-तफरी मची रही. पैंसेजर की मदद के लिए कोई सामने नहीं आया.

सिपाही ने छुड़ाया, पीडि़त को पहुंचाई मदद

कुछ यात्रियों ने घटना का वीडियो बनाने का प्रयास किया तो उनको अपशब्द कहते हुए मनबढ़ों ने मोबाइल छीनने की कोशिश की. मनबढ़ों की हरकत से पैंसेजर दंग रह गए. एक व्यक्ति की सूचना पर जीआरपी प्रीपेड बूथ पर मौजूद सिपाही दौड़कर घटनास्थल पहुंचा. किसी तरह से पैंसेजर को छुड़ाकर जीआरपी थाना पहुंचाया. पैंसेजर तहरीर देकर मुकदमा दर्ज करा पाता. इसके पहले कुछ लोग जमा हो गए. उन लोगों ने पैंसेजर को वहां से भगाने का प्रयास किया. स्टेशन से जुड़े लोगों का कहना है कि चेकिंग के दौरान अक्सर किसी न किसी पैंसेजर की पिटाई की जाती है. लेकिन जीआरपी कोई कार्रवाई नहीं करती. रविवार सुबह घटना से यात्री भयभीत हो गए थे.

वर्जन

ऐसा कोई मामला सामने नहीं आया था. छोटे-मोटे मामलों की कोई शिकायत नहीं आती है. यदि कोई तहरीर मिली तो मुकदमा दर्ज करके कार्रवाई की जाएगी.

राणा राजेश सिंह, प्रभारी, जीआरपी थाना