- जिले के जिला पंचायत सदस्यों को प्रताडि़त कर ही है पुलिस

- विकास के मुद्दे पर सीएम से मिलता हूं, लेकिन हूं भाजपा का ही

GORAKHPUR: गोरखपुर का जिला प्रशासन की मंशा जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव को लेकर साफ नहीं है. चुनाव से ठीक पहले जिलाधिकारी को बदल देना और अपने ही मंत्री के करीबी जिलाधिकारी की नियुक्ति शासन की मंशा का दर्शा रहा है. यह आरोप बुधवार को गोरखपुर ग्रामीण विधायक भाजपा विधायक विजय बहादुर यादव ने पत्रकारवार्ता में कही. उन्होंने कहा कि प्रशासन सपा के इशारे पर काम कर रहा है. पुलिस-प्रशासन के इशारे पर जिला पंचायत सदस्यों को धमकी दी जा रही है. अगर सदस्यों का उत्पीड़न बंद नहीं हुआ तो हम भी चुप नहीं बैठेंगे.

कलेक्ट्रेट सील करने का क्या मतलब?

पत्रकारों के साथ बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि आखिर जिला पंचायत अध्यक्ष का ऐसा कौन सा चुनाव है कि प्रशासन को पूरे कलेक्ट्रट को सील करना पड़ रहा है. इससे पब्लिक के सामने भी मुश्किल खड़ी हो जाएगी. कैंपेन वोट की प्रक्रिया 24 घंटे पहले शुरू कर देनी चाहिए, लेकिन प्रशासन ने अभी तक एक भी कदम नहंी उठाया है. एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि प्रभारी मंत्री गोरखपुर जिले के पंचायत सदस्यों को अपने गांव चंगेरवां में ले जाकर रखा हुआ है. एक और सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि सीएम किसी पार्टी का नहीं होता है. विकास के मुद्दे पर मेरे उनसे बहुत अच्छे संबंध हैं. ऐसे में मैं विकास के मुद्दे पर उनसे मिलता और जुलता था, लेकिन मैं भाजपा का ही हूं.

अचानक पहुंची बहराइच सांसद

एक स्थानीय होटल में प्रेसवार्ता भाजपा विधायक अपनी प्रेस वार्ता करने जैसे ही पहुंचे कि अचानक बहराइच सांसद साध्वी सावित्री बाई फूले भी वहां पहुंच गई. हालांकि वह कार्यक्रम में महज दो मिनट ही रुकीं. उन्होंने कहा कि मैं होटल में रुकी थी. विजय बहादुर यादव हमारे साथ विधायक रहे हैं, इसलिए मिलने आ गई. वहीं पत्रकार वार्ता के दौरान भाजपा के संबंध के बारे में पूछे जाने पर विजय बहादुर यादव साधवी को ही ढाल बना दिया. उन्होंने कहा कि बनाते हुए कहा कि मेरे साथ भाजपा खड़ी है. भाजपा विधायक साधवी आप लोगों के सामने खुद मिलने आई थी.