- नगर निगम ने अब तक नहीं कराया है अलाव के लिए लकडि़यों का टेंडर

- रात के वक्त शहर के महत्वपूर्ण स्थानों पर नहीं हो सकी व्यवस्था

GORAKHPUR: ठंड शुरू हो चुकी है लेकिन लगता है, नगर निगम के जिम्मेदारों को इसका अहसास अब तक नहीं हुआ है. तभी तो फुटपाथ पर रहने वाले ठिठुर कर किसी तरह रात गुजार रहे हैं, लेकिन जिम्मेदारों ने अलाव की व्यवस्था के लिए कुछ किया ही नहीं है. लापरवाही का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि अलाव के लिए लकड़ी मंगाने की बात तो दूर इसका टेंडर तक नहीं हो सका है. उधर, नगर निगम के अधिकारी लापरवाही ढंकने के लिए आचार संहिता की दुहाई दे रहे हैं.

अभी ठिठुरते रहेंगे गरीब

ठंड बढ़ने पर नगर निगम को सिटी में लगभग 175 स्थानों पर अलाव की व्यवस्था करनी होती है. इसके लिए ढाई से तीन हजार कुंतल लकड़ी का इंतजाम करना होता है. नगर निगम में पहले लकड़ी के बोटे आते हैं जिन्हें आरा मशीन पर भेजकर चिरवाया जाता है. इसमें पंद्रह से बीस दिन का समय लगता है. इस बार की बात करें तो अब तक नगर निगम के जिम्मेदार लकडि़यों के लिए टेंडर ही नहीं करा सके हैं. जिससे स्टोर में लकड़ी तक नहीं आ सकी है.

सूत्रों की मानें तो पिछले महीने ही लकडि़यों के लिए टेंडर होना था लेकिन अभी तक नहीं हो पाया है. इसकी अहम वजह जिम्मेदारों की लापरवाही है, जिससे प्रक्रिया पूरी करने में अभी 15 दिन का समय और लग जाएगा. ऐसा इसलिए कि अब-तब के चक्कर में आचार संहिता लग गई और जिम्मेदार कई बार टेंडर का मुहुर्त ही निकालकर रह गए. इससे उन्हें डेट एक्सटेंड करनी पड़ गई. ऐसे में सोचा जा सकता है कि इतने दिन शहर में अलाव न जलने से सड़क किनारे रहने वाले लोगों को कितनी परेशानियों का सामना करना पड़ेगा. वहीं, चौराहों, तिराहों, फुटपाथों पर रहने वाले गरीब, रिक्शा-ठेला चालकों को बांटे जाने वाले कंबल के लिए भी नगर निगम के जिम्मेदारों ने अब तक टेंडर नहीं कराया है.

- नगर निगम ढाई से तीन हजार कुंतल लकड़ी का करता है इंतजाम

- नगर निगम लकड़ी पर खर्च करता है लगभग - 20 लाख रुपए

- शहर के चौराहों पर रोज दी जाती है लकड़ी - 40 किलो

- रेलवे स्टेशन, बस स्टेशन, जिला अस्पताल, महिला अस्पताल के अलावा एक अन्य जगह पर रोज दी जाती है लकड़ी - 80 किलो

वर्जन

टेंडर फाइल पहले ही तैयार हो चुकी है. मगर आचार संहिता के चलते बार-बार टेंडर की डेट बढ़ जा रही थी. जल्द ही टेंडर प्रक्रिया पूरी कर अलाव के लिए लकडि़यों व कंबल का इंतजाम कर लिया जाएगा.

प्रेम प्रकाश सिंह, नगर आयुक्त