- कोतवाली सर्किल में चोर-उचक्कों से सजग कर रही पुलिस

- पुलिस वाले बनकर बदमाश करते वारदात, नहीं मिला सुराग

GORAKHPUR: शहर के भीतर पुलिस वाला बनकर चेकिंग के बहाने बिजनेसमैन को लूटने वाले बदमाशों पर शिकंजा कसने में असली पुलिस नाकाम रही है। नाकामी छिपाने के लिए पुलिस सजगता के लिए 'मुनादी' कराकर अपनी साख बचाने में जुटी है। एक-एक दिन के अंतराल पर करीब पांच सौ रुपए खर्च करके पुलिस प्रचार कराएगी। ताकि पब्लिक को अलर्ट करके घटनाओं से बचाया जा सके। राजघाट इंस्पेक्टर ने बताया कि अपनी तरफ से टेंपो का खर्च, डीजल-पानी मैनेज करके अभियान शुरू किया गया है।

दिन दहाड़े लूटे थे एक लाख नौ हजार

भालोटिया मार्केट में एक जून को करीब पौने 12 बजे चार बदमाशों ने दवा कारोबारी को शिकार बनाया। पुलिस वाला बनकर जांच करने के बहाने उसके बैग से एक लाख नौ हजार रुपए लेकर फरार हो गए। पुलिस पहुंची तो मालूम हुआ कि फर्जी आईकार्ड भी दिखाया गया था। बाइक नंबर के आधार पर पुलिस को कोई सुराग नहीं मिला। सिद्धार्थनगर, शोहरतगढ़ कस्बा निवासी जितेंद्र वर्मा के बेटे शुभम वर्मा की तहरीर पर मुकदमा दर्ज करके पुलिस छानबीन में जुटी है। 15 दिनों बाद भी बदमाशों के संबंध में कोई जानकारी नहीं मिल सकी। पुलिस मान रही है कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश का गैंग वारदात को अंजाम दे रहा है। इसमें पुलिस से रिटायर, बर्खास्त या भर्ती की तैयारी करने वाले भी शामिल हैं।

हुई वारदात तो चलाया अभियान

पुलिस वाला बनकर लूटपाट करने वाले बदमाशों का गैंग एक ही सर्किल के राजघाट और कोतवाली एरिया में एक्टिव है। दो साल के भीतर हुई वारदातों से पुलिस मान रही है कि यह क्षेत्र बदमाशों के लिए काफी मुफीद है। जनवरी माह में पुलिस वाला बनकर व्यापारियों से लूटपाट के बाद लाउडस्पीकर लगाकर लोगों को जागरूक किया गया। दीवारों पर पोस्टर चस्पा कराए गए। लेकिन इसका असर बहुत दिनों तक नहीं रहा। वारदातों का सिलसिला जारी रहा। व्यापारियों का कहना है कि आज तक पुलिस किसी बदमाश का स्केच नहीं बनवा सकी। भालोटिया में हुई घटना के बाद फिर से राजघाट पुलिस ने मुनादी का अभियान शुरू किया है।

पांच सौ रुपए रोज खर्च कर रही पुलिस

शहर के ज्यादातर व्यापारिक प्रतिष्ठान राजघाट और कोतवाली एरिया में है। इसलिए राजघाट पुलिस ने भी अपने क्षेत्र में पब्लिक और बिजनेसमैन को जागरूक करने के लिए अभियान शुरू किया है। एक टेंपो पर पुलिस कर्मचारी बैठकर लोगों को जानकारी देते हैं। रिकार्डेड कैसेट के जरिए दो कांस्टेबल टेंपो में सवार होकर निकल रहे हैं। रविवार को प्रचार कराया गया था। इंस्पेक्टर ने बताया कि इस काम में पांच सौ रुपए खर्च हो रहे हैं। एक-एक दिन के अंतराल पर अभियान चलाया जाएगा। मंगलवार को बंदी का दिन रहेगा। बुधवार को फिर से गाड़ी निकलेगी।

रेलवे स्टेशन, बस अड्डे पर नहीं दिया ध्यान

रेती चौक, घंटाघर, गीता प्रेस, माया बाजार, अली नगर सहित अन्य जगहों पर चोर- उचक्कों से बचने की जानकारी दी जा रही है। बताया जा रहा है कि यदि कोई सादे कपड़ों में पुलिस वाला बताकर जांच करने के लिए कहे, या फिर आप की नकदी या गहने सुरक्षित रखने की बात करे तो उस पर ध्यान मत दीजिए। बल्कि शोर मचाकर लोगों को बताइए ताकि बदमाशों को पकड़ा जा सके। मजेदार बात यह है कि यह अभियान सिर्फ उन जगहों पर चल रहा है जहां लोगों को बदमाशों के बारे में जानकारी है। बदमाश लोकल व्यापारियों को टारगेट करने के बजाय बाहर से आने वालों को निशाना बनाते हैं। रेलवे स्टेशन और बस अड्डे पर कोई अभियान न चलने से बाहरी बिजनेसमैन को पता नहीं होता है कि उनके साथ कोई वारदात हो सकती है। होटल, रेस्टोरेंट सहित अन्य जगहों पर व्यापक ढंग से अभियान चलाने की जरूरत है।

सोशल मीडिया का नहीं ले रही सहारा

बदमाशों से निपटने के लिए पुलिस पारंपरिक तौर-तरीके अपना रही है। मुनादी कराकर लोगों को जानकारी दी जा रही है। जबकि सोशल मीडिया का इस्तेमाल करते हुए भी अभियान जारी रखा जा सकता है। लेकिन पारंपरिक तरीके अपनाकर पुलिस लोगों को जागरूक कर रही। पुलिस से जुड़े लोगों का कहना है कि अदालत की तरफ से कुर्की नोटिस जारी होने पर डुगडुगी बजवा मुनादी कराई जाती है। यह प्रक्रिया आज भी चलन में है। माइक लगाकर लोगों को अलर्ट करने का तरीका भी मुनादी की तरह है। लाउडस्पीकर बजने पर कोई ध्यान नहीं दे रहा है। पूरी बात जानने के लिए सड़क पर रुकना पड़ेगा। तभी कोई बाहरी बिजनेसमैन पूरा मसला समझ पाएगा।

बदमाशों की तलाश में पुलिस नाकाम

27 मई 2019: गोरखपुर वाराणसी हाइवे पर सेल टैक्स आफिसर बनकर बदमाशों ने सवा करोड़ रुपए की सुपारी लूट ली।

24 मार्च 2019: पडरौना कस्बा निवासी होजरी और कास्मेटिक्स कारोबारी नलिन अग्रवाल से चेकिंग के बहाने लूट की कोशिश।

12 मार्च 2019: माया बाजार में सिनेमा हाल के पास पासबुक अपडेट कराने जा रही बुजुर्ग महिला को झांसा देकर चेकिंग के बहाने बदमाशों ने दो लाख रुपए की ज्वेलरी लूट ली।

06 जनवरी 2019: कोतवाली एरिया के साहबगंज मंडी में व्यापारी के मुनीम से पुलिस वाला बनकर 91 हजार रुपए लूट लिए थे।

05 जनवरी 2019: राजघाट एरिया के गोपी गली में लेडी सीनियर सिटीजन को झांसा देकर बदमाश लाखों रुपए की ज्वेलरी लूट लिए थे।

18 फरवरी 2018: बेतियाहाता में दवा कारोबारी की मां का चेकिंग के बहाने से तीन लाख के गहने ले गए।

06 अक्टूबर 2018: अलहदादपुर मोहल्ले में रिक्शा सवार महिला से पुलिस वाला बनकर बदमाशों ने कीमती ज्वेलरी लूट ली। घटनाओं से परेशान पुलिस ने पोस्टर लगाकर और लाउडस्पीकर से एनाउंस करके लोगों को जागरूक किया।

24 अक्टूबर 2017: रेती बाजार के एक होटल में ठहरे कोलकाता के व्यापारियों से पौने आठ लाख रुपए की लूट हुई थी। ट्रेन पकड़ने जा रहे व्यापारियों से चेकिंग के बहाने दो बाइक सवार चार बदमाश नकदी लेकर भाग गए।

27 अक्टूबर 2017 : गीता वाटिका में एक स्कूल संचालक की पत्नी को पुलिस वाला बताकर तीन लाख के गहने उतरवा लिए।

वर्जन-

पब्लिक की जागरूकता के लिए माइक से प्रचार कराया जा रहा है। एक-एक दिन के अंतराल पर यह काम किया जाएगा। इससे लोगों को चोर-उचक्कों से सावधान रहने में मदद मिलेगी। मंगलवार को बंदी रहेगी। बुधवार को फिर गाड़ी चलाई जाएगी। इसके लिए कोई बजट नहीं है। पब्लिक की मदद से अभियान जारी रहेगा।

राजेश पांडेय, इंस्पेक्टर, राजघाट