-220 सेंटर्स पर मेल स्टूडेंट्स देंगे एग्जाम, जबकि फीमेल्स अपने ही सेंटर्स पर देंगी एग्जाम

-27 सेंटर्स पर मेल और फीमेल दोनों के बैठने की है व्यवस्था

GORAKHPUR: डीडीयू गोरखपुर यूनिवर्सिटी ने अपने एनुअल एग्जाम के लिए सेंटर्स की लिस्ट रिवाइज कर दी है. अब यूनिवर्सिटी करीब 265 सेंटर्स पर एग्जाम कराने की तैयारी में है. इसके अलावा यूनिवर्सिटी कैंपस में अलग से सेंटर बनाया जाएगा. रजिस्ट्रार एग्जामिनेशन अमरेंद्र सिंह ने बताया कि नई व्यवस्था के तहत एग्जाम ऑर्गनाइज कराने के लिए यूनिवर्सिटी सेंटर्स की लिस्ट फाइनल कर ली है. इसमें ग‌र्ल्स और दिव्यांगों का सेल्फ सेंटर रहेगा, बाकी स्टूडेंट्स को सेंटर पर एग्जाम देने के लिए जाना होगा. अगर कोई चाहे तो 17 फरवरी दोपहर 12.30 तक अपनी आपत्ति दर्ज करा सकता है.

कमेटी की रिपोर्ट के बाद हुआ फैसला

रजिस्ट्रार ने बताया कि यूनिवर्सिटी में पहली बार सेल्फ सेंटर पर एग्जाम नहीं होगा. स्टूडेंट्स के लिए सेंटर्स निर्धारित कर दिया गया है. मगर कहां-कहां सेंटर बनाया जाएगा, इसको लेकर वीसी प्रो. वीके सिंह ने 15 सदस्यीय कमेटी बनाई थी. इस कमेटी ने अपनी रिपोर्ट एग्जामिनेशन कंट्रोलर को सौंप दी, जिसके बाद सेंटर्स की लिस्ट फाइनल की गई है. सेंटर के लिए सीसीटीवी कैमरे, दूरी और वहां उपलब्ध मूलभूत सुविधाओं की जांच की गई. इसमें कुछ कॉलेज मानक के मुताबिक नहीं पाए गए, जिन्हें सेंटर नहीं बनाया गया है.

30 कॉलेज नहीं बने सेंटर

यूनिवर्सिटी के जिम्मेदारों की मानें तो इस बार 30 कॉलेजेज को सेंटर नहीं बनाया जा रहा है. इसमें पांच कॉलेज वह हैं, जो नकल के आरोप में डिबार किए जा चुके हैं. वहीं, 20 सेंटर्स ऐसे हैं, जहां ग‌र्ल्स की तादाद 80 से कम है. पांच सेंटर्स पर निर्धारित मानक पूरे नहीं हैं. गोरखपुर यूनिवर्सिटी और एफिलिएटेड कॉलेज में नकल पर लगाम कसने के लिए यूनिवर्सिटी ने सेल्फ सेंटर हटाकर दूसरे कॉलेजेज का सेंटर बनाया. इसके लिए कमेटी बनाई गई, जिसने एग्जामिनेशन सेंटर्स का मानक 15 किमी तय किया.

295 कॉलेज पर बने थे सिर्फ 44 सेंटर्स

गोरखपुर यूनिवर्सिटी के जिम्मेदारों ने गलती करते हुए 295 कॉलेजेज के लिए महज 144 कॉलेजेज को ही सेंटर बनाया. जिम्मेदारों ने संख्या काफी कम मानते हुए इसे बढ़ाने के लिए आपत्ति जताते हुए कहा था कि जिस दिन राष्ट्रगौरव की परीक्षा होगी, उस दिन परीक्षार्थियों की संख्या वैसे ही ज्यादा हो जाएगी. ऐसी कंडीशन में यूनिवर्सिटी के जिम्मेदार इन स्टूडेंट्स को कहा एडजस्ट करेंगे. क्योंकि इसमें फ‌र्स्ट इयर के सारे स्टूडेंट्स तो शामिल होते ही हैं, वहीं सेकेंड और थर्ड ईयर के न क्वालिफाई कर पाने वाले स्टूडेंट्स भी इसमें शामिल होते हैं, ऐसे में प्रॉब्लम बढ़ सकती है.

हाइर्लाइट्स -

टोटल कॉलेज - 295

टोटल सेंटर्स - 265 प्लस 1 यूनिवर्सिटी

मेल स्टूडेंट्स सेंटर - 220

फीमेल सेल्फ सेंटर - 72