- गोरखपुर यूनिवर्सिटी में 14 और 15 को भी की गई छुट्टी

- वहीं गुरुवार को लगा रहा छात्रनेताओं का तांता

- बंद रहा मेन कैंपस, एडी बिल्डिंग में भी लगा रहा ताला

- स्टूडेंट्स की एंट्री रोकने के लिए चुनवा दी गई दीवार

GORAKHPUR: डीडीयू गोरखपुर यूनिवर्सिटी में बवाल और लाठीचार्ज के बाद अब तक यूनिवर्सिटी की गाड़ी पटरी पर नहीं लौट सकी है. यहां का माहौल अब भी तंग है, जिसकी वजह से यूनिवर्सिटी ने दो दिन और यूनिवर्सिटी बंद करने का फैसला किया है. मंगलवार को हुए बवाल के बाद से यूनिवर्सिटी कैंपस, हॉस्टल और एडी बिल्डिंग छावनी बना हुआ है, तो वहीं आसपास के इलाकों में हलचल नजर आ रही है. गुरुवार को गोरखपुर यूनिवर्सिटी के चीफ प्रॉक्टर लगातार यूनिवर्सिटी कैंपस और दूसरे स्पॉट्स पर गश्त करने में जुटे नजर आए, तो वहीं बाकी कैंपस और एडमिनिस्ट्रेटिव ब्लॉक में सन्नाटा पसरा रहा.

चुनवा दी गई दीवार

गोरखपुर यूनिवर्सिटी की एडमिनिस्ट्रेटिव बिल्डिंग में एटीएम के बगल में बनी दीवार कई माह पहले टूट गई थी. इस ओर किसी का ध्यान नहीं जा रहा था. कई बजट पास हुए, लेकिन इसके बाद भी इस दीवार पर किसी का ध्यान नहीं गया. मगर यूनिवर्सिटी कैंपस में दो छात्र गुटों में हुई मारपीट और उसके बाद हुई पुलिसिया कार्रवाई के बाद यूनिवर्सिटी को उस दीवार की याद भी आ गई है. मजदूर लगातार गुरुवार को इस दीवार को चुनवाने का काम भी चलता रहा. इसके साथ ही यूनिवर्सिटी मेन गेट समेत एडी बिल्डिंग में भी ताला लगवा दिया गया.

विरोध जताने पहुंचे छात्र नेता

यूनिवर्सिटी बंद होने के बाद गुरुवार को छात्र नेताओं के विरोध प्रदर्शन का सिलसिला जारी रहा. छात्रनेता मनीष ओझा के नेतृत्व में छात्र नेताओं ने चीफ प्रॉक्टर प्रो. गोपाल प्रसाद को ज्ञापन सौंपा. उन्होंने जल्द से जल्द चुनाव कराने की मांग रखी. मौके पर कुलदीप तिवारी, शिवम चौधरी, सचिन साही, सुमित पांडेय, आशीर्वाद यादव, अभिनंदन दुबे, अंशुमान भट्ट, नीतेश शुक्ल, अरविंद पासवान आदि दर्जनों छात्र उपस्थित रहे.