- दैनिक जागरण आई नेक्स्ट ने पहले ही कर दिया था जालसाजों का खुलासा

- जालसाज सद्दान, शाजी, राम शुक्ला और अभिषेक के खिलाफ हजरतगंज में केस दर्ज

- कोलकाता के कारोबारी से सपा सरकार में बैग का ठेका दिलाने के नाम पर ठगे 69 लाख

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LUCKNOW : सरकारी ठेके के नाम पर ठगी करने वाले शातिर जालसाजों के खिलाफ हजरतगंज थाने में एक और एफआईआर दर्ज की गई है. इन लोगों ने पूर्ववर्ती सपा सरकार में कोलकाता के कारोबारी को बैग का ठेका दिलाने के नाम पर 69 लाख रुपये की ठगी की थी. इसकी शिकायत करने पर उसे जान से मारने की धमकी भी दी थी. इनमें से दो आरोपी पहले ही ऐसे ही एक मामले में जेल में हैं. वहीं सद्दान अंसारी अब इस गैंग को चला रहा है जबकि अभिषेक निगम सीबीआई का भगोड़ा है. उसके खिलाफ मध्य प्रदेश में जालसाजी का केस दर्ज है और एमपी से वांटेड भी चल रहा है.

इंदौर में भी केस, ईडी कर रही जांच

उल्लेखनीय है कि इस गिरोह के खिलाफ इंदौर के मशहूर चिकित्सक एवं व्यापारी डॉ. राजेश लेखी ने भी केस दर्ज कराया है. दैनिक जागरण आई नेक्स्ट ने अपने दस अगस्त के अंक में इसका खुलासा भी किया था. डॉ. लेखी का आरोप है कि सद्दान, शाजी, अभिषेक आदि ने नई दिल्ली के महाराष्ट्र भवन और एक फाइव स्टार होटल में उनसे मुलाकात के दौरान खुद को पूर्व केंद्रीय मंत्री मंत्री का दामाद और ओएसडी बताया और बेहद कम ब्याज पर 30 करोड़ रुपये का लोन दिलाने का झांसा देकर 30 लाख रुपये ठग लिए. बतातें चलें कि इस गैंग के सदस्यों की जांच इंफोर्समेंट डायरेक्टरेट भी कर रहा है. जबकि शाजी और अभिषेक के खिलाफ सीबीआई में भी केस दर्ज है.

आईएएस बनकर कराई थी डीलिंग

कोलकाता सीके मार्केट विधान नगर निवासी कौशिक घोष की ओर से पुलिस से की गयी श्किायत में कहा गया कि उसके दोस्त सुमिताभ सेन गुप्ता ने 2016 में यूपी के बेसिक स्कूलों में बैग के सप्लाई के काम निकलने की जानकारी दी. जिसके बाद परिचित प्रतीमदास के साथ वह 28 दिसंबर 16 को पहली बार लखनऊ आया था. लखनऊ में उसकी मुलाकात शाजी अहमद सिद्दकी से आईएएस अफसर बताकर कराई गई. ठेका दिलाने का विश्वास दिलाते हुए दूसरी मुलाकात हजरतगंज सिलवेट होटल में कराई गई, जहां राम शुक्ला उर्फ दुर्गेश और अभिषेक निगम से मिलवाया गया.

अकाउंट में मंगवाई रकम

कारोबारी ने बताया कि उसी दिन सचिवालय के पास लालबत्ती गाड़ी में अभिषेक निगम उसके पिता अजय निगम, फर्जी पीआरओ असद से मुलाकात हुई. मीटिंग में साजी अहमद ने काम दिलवाने के बदले अभिषेक की फर्म रित नीट इंटरप्राइजेज में रकम जमा करने की बात कहीं. कारोबारी कौशिक ने उसकी फर्म में करीब पचास लाख रित नीट इंटरप्राइजेज में और राम शुक्ला की फर्म श्रीराम इंटरप्राइजेज में आरटीटीएस कर चार लाख रुपये अपनी कंपनी के खाते से जमा किए.

फर्जी लेटर भी थमा दिया

अकाउंट में कैश जमा करने के बाद उन लोगों ने कारोबारी की कंपनी के नाम से बेसिक शिक्षा विभाग का फर्जी स्कूल बैग आपूर्ति के आदेश का दस्तावेज कंपनी के पते पर भेज दिया. विश्वास दिलाया कि जल्द काम शुरू होते ही और काम दिलवाएंगे. अभिषेक निगम ने दोबारा 15 लाख रुपये की डिमांड की और पैसे न देने पर काम रुकने की बात कहीं. मोटा पैसा फंसने के चलते कारोबारी ने यह रकम भी राम शुक्ला के जरिए अभिषेक दी.

दे रहे थे धमकी

फर्जीवाड़े की जानकारी होने पर कौशिक घोष ने जालसाजों से पैसा वापस मांगा. जिस पर उन्होंने फोन उठाना बंद कर दिया. कारोबारी ने कई बार हजरतगंज पुलिस से संपर्क भी किया लेकिन उसकी एफआईआर नहीं दर्ज की गई. उधर, लगातार प्रयास के चलते सद्दान अंसारी उर्फ जैन ने कारोबारी को कई बार धमकी भी दी. कौशिक घोष ने इस बार एसएसपी कलानिधि नैथानी ने मिलकर अपनी शिकायत दर्ज कराई.

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दो अलग-अलग एफआईआर

एसएसपी कलानिधि नैथानी के निर्देश पर जालसाज सद्दान अंसारी, शाजी अहमद, अभिषेक निगम, राम शुक्ला के खिलाफ ठगी की एफआईआर हजरतगंज थाने में शनिवार को दर्ज कराई गई. साथ ही एक दूसरी एफआईआर भी धमकी देने के मामले में दर्ज की गई. जिसमें धमकी देने वाले का नंबर की डिटेल दी गई. पुलिस ने नंबर के आधार पर आरोपी की पहचान भी कर ली है.