- शासन की महत्वाकांक्षी योजना को सस्ते में टरका रहा एमडीए

- साइकिल ट्रैक पर 50 लाख से लगना था बोलार्ड, प्रस्ताव गिरा

Meerut. शासन का महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट साइकिल ट्रैक अब बिना बोलार्ड के नजर आएगा. यह योजना में आए नए परिवर्तन या शासनादेश से नहीं, बल्कि प्रोजेक्ट को लेकर एमडीए की उदासीनता का नतीजा है. हाल फिलहाल में हुई बैठक में एमडीए वीसी ने साइकिल ट्रैक को बोलार्ड मुक्त रखने का फैसला किया है.

यह है प्रोजेक्ट

दरअसल, साइकिल ट्रैक सीएम अखिलेश यादव की प्राथमिकता वाली योजनाओं में शुमार है. योजना के अंतर्गत शहर में साइकिल ट्रैक तीन हिस्सों में बनाया गया है. जिसमें सर्किट हाउस से गढ़ रोड तक के तीन किमी वाले ट्रैक का कार्य लगभग पूर्ण कर लिया गया है. जबकि वेस्टर्न कचहरी रोड से बेगमपुल (600 मीटर) और किला रोड स्थित यादगारपुर पुलिस चौकी से अब्दुल्लापुर तक (2.5) किमी का पोर्सन अभी पेंडिंग है.

50 लाख का था बोलार्ड

साइकिलिस्ट के सेफ्टी प्वाइंट से साइकिल ट्रैक को इस तरह से डिजाइन किया गया था, कि ट्रैक का पार्ट मेन रोड से सेपरेट रहे. इसके लिए ट्रैक को लाल और पीले रंग के बोलार्ड से कवर करने की योजना बनाई गई थी. यही नहीं एमडीए ने सर्किट हाउस से गढ़ रोड वाले तीन किमी को पार्ट पर बोलार्ड लगाना शुरू भी कर दिया था. अन्य दो स्थानों पर निर्माणाधीन ट्रैक के लिए एमडीए ने अवस्थापना निधि से बोलार्ड के लिए 50 लाख की व्यवस्था की थी.

वीसी ने बताया अनावश्यक

एमडीए वीसी योगेन्द्र यादव ने निर्माणाधीन साइकिल ट्रैक का निरीक्षण कर बोलार्ड की व्यवस्था को अनावश्यक बताया है. एक्सईएन एपी सिंह ने बताया कि वीसी के निर्देश पर बोलार्ड एरेंजमेंट को टाल दिया गया है.

जल्दबाजी में हड़बड़ाया एमडीए

अब जबकि आदर्श चुनाव आचार संहिता लगने वाली है. ऐसे में एमडीए पर शासन की योजनाओं को समय से निपटाने का दबाव है. यही कारण है कि प्राधिकरण जैसे-तैसे साइकिल ट्रैक प्रोजेक्ट को समेट कर किसी तरह इसका शुभारंभ करना चाहता है.

फिलहाल साइकिल ट्रैक को बोलार्ड मुक्त रखने का फैसला किया गया है. दो स्थानों पर निर्माणाधीन साइकिल ट्रैक पर बोलार्ड नहीं लगाए जाएंगे. इसके लिए एमडीए ने 50 लाख की व्यवस्था की थी.

-एपी सिंह, एक्सईएन एमडीए

ये गिरे प्रस्ताव -

मल्टी लेवल पार्किंग

एमडीए ने शहर में 25 करोड़ की लागत से मल्टी लेवल पार्किंग बनाने का प्रस्ताव बनाया था. यही नहीं इसके लिए एमडीए ने टाउन हॉल, मेनका टॉकीज, कलक्ट्रेट, जीआईसी समेत एमडीए परिसर आदि कई जगहों का चुनाव किया, लेकिन हर जगह आपत्तियां लगी. पर्याप्त जगह न मिलने पर एमडीए ने प्रस्ताव गिरा दिया.

तेजगढ़ी अंडर पास

गढ़ रोड पर ट्रैफिक प्लान करने के लिए एमडीए ने तेजगढ़ी चौराहे पर अंडरपास बनाने का प्रस्ताव बनाया. इसके लिए 4.5 करोड़ का बजट भी रखा गया. लेकिन अचानक एमडीए को यह प्रस्ताव जरूरत के विपरीत लगा और प्रस्ताव गिरा दिया.