हाइवे स्थित एक शिक्षण संस्थान में कृषि एवं मनरेगा पर एक दिवसीय कार्यशाला संपन्न

मेरठ समेत 5 मंडलों के हजारों किसान पहुंचे, कृषि उत्पादन आयुक्त ने किया संबोधित

Meerut. केंद्र व प्रदेश सरकार वर्ष 2022 तक किसानों की आय को दोगुना करने का प्रयास कर रही है. इसी क्रम में पश्चिमी उत्तर प्रदेश के पांच मंडलों की कृषि एवं मनरेगा अभिसरण कार्यशाला का आयोजन हाइवे स्थित एक शिक्षण संस्थान में किया गया. कृषि उत्पादन आयुक्त एवं पूर्व कमिश्नर डॉ. प्रभात कुमार ने इस दौरान निर्मल हिंडन अभियान के मुखपत्र हिंडन माटी का विमोचन किया और परिसर में लगाए गए स्टॉलों को देखा.

मुख्यमत्रियों की बनी कमेटी

कृषि उत्पादन आयुक्त ने अपने संबोधन में कहा कि केंद्र सरकार द्वारा मुख्यमंत्रियों की एक कमेटी बनाई गई है, जो नई कृषि नीतियों को बनाने में अहम भूमिका निभाएगी. केंद्र सरकार का मत है कि किस प्रकार हम मनरेगा को कृषि से जोड़कर किसानों की आय में वृद्धि करे? पूर्व में हुई कमेटी की बैठक में सीएम योगी आदित्यनाथ ने किसानों और मजदूरों की समस्याओं का केंद्र सरकार के समक्ष रखा था. सीएम के निर्देश पर ही किसानों के साथ बैठकर उनकी समस्याओं पर चर्चा के लिए यह कार्यशाला आयोजित की गई है. अचानक मुख्यालय से फोन आ जाने से कृषि उत्पादन आयुक्त कार्यशाला को बीच में ही छोड़ लखनऊ के लिए रवाना हो गए.

मजदूरी किसान के खाते में

भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि यह एक महत्वपूर्ण कार्यशाला है. उन्होंने सुझाव दिया कि एक एकड़ खेत में जितनी मजदूरी हो जोकि करीब 14 हजार रूपये आएगी, उसे सीधे किसान के खाते में भेजा जाए. उन्होंने कहा कि सरकार यह सुनिश्चित करे कि निर्धारित दर से कम दर में क्रय न हो, योजनाओं की जानकारी ग्रामों तक जाए व फसलों का भुगतान समय से हो. कृषि से जुड़े 18 विभागों की एक ज्वाइंट कमेटी बनाने की आवश्यकता है. खरीद व फसलों की बिक्री को डिजिटलाइज्ड करने का सुझाव भी किसान नेता ने दिया.

सुझावों पर होगा मंथन

कमिश्नर मेरठ मंडल अनीता सी. मेश्राम ने बताया कि गोष्ठी में प्रदेश के पश्चिम जोन के पांच मंडलों में मेरठ, मुरादाबाद, सहारनपुर, अलीगढ व बरेली मंडल के किसान व अधिकारियों ने हिस्सा लिया. उन्होंने बताया कि कार्यशाला में आए सुझावों की सरकार को जानकारी दी जाएगी. कमिश्नर मुरादाबाद मंडल अनिल राज कुमार ने कहा कि किसानों की समस्याओं के लिए मंडल में हर तीसरे बुधवार को किसान दिवस आयोजित किया जा रहा है. सहारनपुर मंडल के कमिश्नर चंद्र प्रकाश त्रिपाठी ने कहा कि किसानों के सुझाव अच्छी नीति बनाने में सहायक होंगे. कृषि निदेशक सौराज सिंह ने कहा कि मनरेगा को खेती से जोड़ना है. खेती के साथ किसान पशुपालन आदि कार्य भी करें ताकि उनकी आय में वृद्धि हो. इस दौरान अपर आयुक्त मनरेगा योगेश कुमार, डीएम अनिल ढींगरा, सीडीओ मेरठ आर्यका अखौरी, अलीगढ़ दिनेश चंद्र आदि अधिकारी कार्यशाला में मौजूद रहे.

काबिज रहीं अव्यवस्थाएं

वेस्ट यूपी के 5 मंडलों के करीब 20 हजार किसान मंगलवार को मेरठ में थे. आयोजकों की लापरवाही का ही नजीता था कि आयोजन स्थल पर अव्यवस्थाएं काबिज रहीं. किसान पीने के पानी के लिए भटकते रहे तो वहीं खाने को लेकर मारामारी की नौबत बनी रही. कार्यशाला में शामिल होने वाले किसानों के लिए आयोजकों द्वारा भोजन का बंदोबस्त था. परंतु आलम यह रहा कि भोजन आरंभ होने के साथ ही समाप्त हो गया और हजारों किसान खाली प्लेट लिए परिसर में चक्कर काटते रहे. आश्चर्यजनक यह था कि एक-एक रोटी के लिए लोग तंदूर पर गिरे जा रहे थे और आयोजक आसपास नजर नहीं आ रहे थे.