क्त्रन्हृष्ट॥ढ्ढ : समाज कल्याण, महिला एवं बाल विकास विभाग के सचिव अमिताभ कौशल ने राज्य के शेल्टर होम को मानदेय देने का आदेश दिया था. मगर, 25 शेल्टर होम को आवंटित की गई राशि के पेमेंट पर विभाग के ही उप सचिव के आदेश पर रोक लगा दी गई है. उपसचिव है कि जब तब आयोग की रिपोर्ट नहीं आ जाती, तबतक शेल्टर होम को राशि आवंटन नहीं किया जा सकता है. मानदेय नहीं मिलने पर शेल्टर होम के बच्चे भूखे सोने के लिए विवश है.

पेमेंट नहीं तो नपेंगे अफसर

सचिव अमिताभ कौशल ने बताया था कि शेल्टर होम का भुगतान सोमवार तक करने का निर्देश दिया है. उन्होंने कहा कि उन्होंने वेतन भुगतान संचिका पर समीक्षा करने के बाद आदेश दिया है. साथ ही साथ यह भी कहा है कि सैटरडे और संडे को ऑफिस खुला रहेगा और उस दौरान सभी शेल्टर होम का हिसाब कर सोमवार तक बैंक में पैसे डिपोजिट करेंगें. पैसे डिपोजिट नहीं होने पर संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई की जाएगी.

संचालक चाबी सौैंपने के मूड में

25 शेल्टर होम के ओनर को मानदेय भुगतान नहीं होने से संचालकों ने शेल्टर होम बंद कर चाबी सौंपने का मूड बनाया है. शेल्टर होम के संचालकों का कहना है कि अब वे रेस्क्यू किए गए बच्चों को भोजन समेत अन्य सुविधाएं मुहैया नहीं करा सकते हैं. संचालकों का कहना है यदि उन्हें समय से भुगतान नहीं किया गया तो बच्चे को निवाला हम कहां से खिलाएंगें?

शेल्टर होम को फरवरी से आवंटन नहीं

राज्य के 24 जिलों में स्थापित शेल्टर होम में रह रहे बच्चे आठ माह से एक ही पहर का खाना खा रहे हैं. इसका वजह यह है कि फरवरी माह से शेल्टर होम को समाज कल्याण, महिला एवं बाल विकास विभाग से पैसे का आवंटन नहीं किया गया है. शेल्टर होम चलाने वालों का दर्द है कि वे कर्ज ले कर बच्चों के लिए निवाले का इंतजाम कर रहे हैं. जबकि आईसीपीएस की ओर से उन्हें एक भी पैसे का भुगतान नहीं किया गया है.