- रात 3 बजे बिजली मीटर में शार्ट सर्किट से लगी आग

- तीसरी मंजिल तक फैली आग, कई एसी भी जले

- 20 घंटे बाद भी राहत नहीं, अपार्टमेंट के लोगों ने किया पलायन

- 6 वर्ष पहले खरीदे फ्लैट

- 4 मंजिला अपार्टमेंट में है 16 फ्लैट

- 40 से 50 लाख रुपये एक फ्लैट की कीमत

- 13 सौ रुपये हर माह मेंटीनेंस के नाम पर वसूले जाते

- 2 गार्ड सिक्योरिटी के लिए, बिना डंडे और आ‌र्म्स के

- 1 लिफ्ट है अपार्टमेंट में, रेजीडेंस अपार्टमेंट का कामर्शियल यूज

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LUCKNOW : हजरतगंज के जापलिंग रोड स्थित गुल पैलेस अपार्टमेंट में बुधवार देररात शार्ट सर्किट से आग लग गई. आग ग्राउंड फ्लोर में लगे बिजली के मीटर में लगी थी. देखते ही देखते आग की लपटों ने तीसरी मंजिल तक को अपनी चपेट में ले लिया. आग लगने से यहां रहने वाले लोगों की जान सांसत में पड़ गई. बिल्डिंग में धुआं भरने से लोगों को सांस लेने में मुश्किल होने लगी. जिसके बाद उन्हें आग की जानकारी हुई. फ्लैट में फंसे लोगों ने बालकनी से कूद कर अपनी जान बचाई. सूचना पर पहुंची फायर बिग्रेड ने काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया. आग बुझने के करीब बीस घंटे बाद भी अपार्टमेंट की बिजली आपूर्ति सुचारू नहीं हो सकी. ऐसे में लोगों ने होटलों व अपने रिश्तेदारों के घरों में शरण ली. वहीं लोगों ने बिल्डर के खिलाफ हजरतगंज थाने में शिकायत दर्ज कराई है.

दो घंटे दहशत में रहा 16 परिवार

गुल पैलेस अपार्टमेंट करीब वर्ष 2012 में बनकर तैयार हुआ था. अपार्टमेंट में 16 फ्लैट हैं. ग्राउंड फ्लोर पर जिम और क्लीनिक का संचालन भी किया जाता है. गुरुवार रात करीब 3 बजे अपार्टमेंट के ग्राउंड फ्लोर पर लगे बिजली के मीटर में शार्ट सर्किट से आग लग गई. देखते ही देखते आग की लपटें तीसरी मंजिल तक पहुंच गई. इससे यहां रहने वाले 16 परिवारों की जान आफत में पड़ गई. सिक्योरिटी गार्ड और अपार्टमेंट में रहने वालों ने मदद के लिए फायर ब्रिगेड और पुलिस को सूचना दी. सूचना पर फायर ब्रिगेड सुबह 4 बजे मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाया. इस दौरान 2 घंटे तक लोग दहशत में रहे.

बालकनी से कूदकर बचाई जान

आग और धुएं से लोगों का सांस लेना मुश्किल हो गया. आग से कई लोगों के एसी भी जल गए. अपार्टमेंट निवासी कई परिवारों ने बालकनी से दूसरे फ्लैट की बालकनी में कूदकर अपनी जान बचाई. सुबह 5 बजे सभी 16 परिवारों ने फ्लैट खाली कर दिए और सुरक्षित बाहर आ गए.

फ्लैट से पलायन कर रहे परिवार

आग लगने के बाद अपार्टमेंट में बिजली और पानी का कनेक्शन पूरी तरह से कट गया. हादसे के 20 घंटे बाद भी बिजली और पानी की सुविधा चालू न होने पर यहां रहने वाले लोग पलायन को मजबूर हैं. कोई परिवार समेत होटल में शिफ्ट हो गया तो किसी ने अपने रिश्तेदार के घर शरण ली. अपार्टमेंट में रहने वाले लोगों ने बिल्डर के प्रति अपनी नाराजगी भी जताई है. सूचना के बाद भी बिल्डर मौके पर नहीं पहुंचा जबकि इससे पहले भी सुरक्षा के लिए लिहाज से अपार्टमेंट में रहने वाले लोगों ने कई बार शिकायत की थी.

एक लिफ्ट और दो गार्ड के भरोसे सिक्योरिटी

अपार्टमेंट में मात्र एक लिफ्ट है, जोकि अक्सर खराब रहती है. वहीं सुरक्षा के नाम पर बिना डंडा और आ‌र्म्स के दो सिक्योरिटी गार्ड हैं. रिहायशी बिल्डिंग होने के बाद भी ग्राउंड फ्लोर में कामर्शियल यूज किया जा रहा है. वहां जिम और क्लीनिक चल रही है. आरोप है कि बिल्डिंग में फायर फाइटिंग सिस्टम भी नहीं हैं.

बिल्डर के खिलाफ दी तहरीर

गुल पैलेस में रहने वाले मनी द्विवेदी, गीतिका जायसवाल, अगेय पाल सिंह, आसमां, गरिमा, रूचि, विक्टर डेविड, सुमनलता रस्तोगी समेत कई परिवार ने बिल्डर मोहम्मद रिजवान के खिलाफ हजरतगंज थाने में एफआईआर दर्ज कराने के लिए तहरीर दी है. इंस्पेक्टर हजरतगंज आनंद शाही ने बताया कि फ्लैट में रहने वालों की शिकायत पर बिल्डर के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है.