व‌र्ल्ड हेल्थ डे स्पेशल-

- सिटी में लगातार बढ़ा बीमारियों का ग्राफ, सिटी के हर दूसरे शख्स में एक न एक छोटी-बड़ी बीमारी

- स्किन, लंग्स डिजीज के साथ हार्ट, गैस्ट्रो और नेफ्रो के पेशेंट्स सबसे ज्यादा

- सिटी के एलएलआर, उर्सला और कार्डियोलॉजी के आंकड़े चौंकाने वाले

KANPUR:

व‌र्ल्ड हेल्थ डे के मौके पर एक तरफ जहां बेहतर हेल्थ को लेकर बात हो रही है, वहीं दूसरी तरफ सिटी में फैली बीमारियों को भी समझना होगा। जोकि कानपुराइट्स को लगातार अपनी गिरफ्त में ले रही हैं। शहर के सिर्फ 4 प्रमुख अस्पतालों में बीते साल आए मरीजों के आंकड़ों पर गौर करें तो यह संख्या शहर की आबादी के आधे के बराबर होती है। इसकी बड़ी वजहों में बदली हुई लाइफस्टाइल और पॉल्यूशन सबसे अहम हैं। इसके अलावा वेक्टर बार्न डिजीज का भी कानपुराइट्स को बीमार बनाने में अहम योगदान है।

पॉल्यूशन कर रहा बीमार

डॉक्टर्स का मानना है कि शहर में बढ़ता पॉल्यूशन लोगों को तेजी से बीमार बना रहा है। इसमें कम उम्र के लोग भी तेजी से शामिल हो रहे हैं। बीते साल ही मेडिकल कालेज के एमएल चेस्ट हास्पिटल की ओपीडी में 77 हजार से ज्यादा पेशेंट्स आए। मेडिकल कालेज के चेस्ट डिपार्टमेंट के हेड डॉ। आनंद कुमार के मुताबिक लंग्स डिजीज के मामले तेजी से बढ़े हैं। लंग्स इंफेक्शन और सीओपीडी के मामलों में काफी बढ़ोत्तरी हुई है। वहीं सीनियर पीडियाट्रिशियन डॉ। राज तिलक बताते हैं कि बच्चों में अस्थमा के नए मामले तेजी से सामने आ रहे हैं। कम उम्र में सांस से संबंधित बीमारी होने से उनकी ग्रोथ पर असर पड़ता है। कमजोर इम्यूनिटी की वजह से बीमारियां उन्हें तेजी से पकड़ती हैं.

ओबेसिटी नया दुश्मन

ब्लड प्रेशर, डायबिटीज और हाइपरटेंशन ये तीन बीमारियां मौजूदा दौर में हर घर में किसी न किसी को अपना शिकार बना रही है। स्ट्रेसफुल वर्किंग के साथ ही ओबेसिटी इसकी बड़ी वजहों के रूप में सामने आया है। ग्रो इंडिया सोसाइटी के ही एक सर्वे में सामने आया कि शहर के टॉप स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों में 50 फीसदी से ज्यादा में ओबेसिटी पाई गई। इसके साथ ही इनमें डायबिटीज के खतरे को भी डाॅक्टर्स ने मापा है।

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कहां कितनी ओपीडी-

10.22 लाख- पेशेंट एलएलआर और संबद्ध अस्पतालों की ओपीडी में

6 लाख- पेशेंट्स की ओपीडी उर्सला हास्पिटल में

2.50 लाख- पेशेंट्स की ओपीडी काशीराम हास्पिटल में

2 लाख - पेशेंट्स की ओपीडी एलपीएस इंस्टीटयूट ऑफ काडिर्1योलॉजी में

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इन बीमारियों के सबसे ज्यादा पेशेंट्स-

हार्ट डिजीज, डायबिटीज और बीपी, स्किन डिजीज, पेट और लीवर से संबंधित बीमारियां, किडनी और नेफ्रोलॉजी से रिलेटेड बीमारियां, लंग्स डिजीज और न्यूरो से संबंधित बीमारियां

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वर्जन-

मेडिकल कालेज से संबद्ध अस्पतालों में पेशेंट्स साल दर साल बढ़े हैं। इससे हमारे डॉक्टर्स में ट्रीटमेंट को लेकर कई तरह के चैलेंजेस भी सामने आए हैं। जिसके बाद हास्पिटल में लगातार नई सुविधाओं को बढ़ाया जा रहा है।

- डॉ। आरती लालचंदानी, प्रिंसिपल, जीएसवीएम मेडिकल कालेज

सिटी में बीमारियों को कंट्रोल करने के लिए लगातार अभियान चलाए जाते हैं। वेक्टर बार्न डिजीज हो या फिर सीजनल बीमारियां इनसे बचाव को लेकर लोगों को लगातार विभाग की ओर से जानकारियां दी जाती हैं। जिससे लोगों में जागरुकता भी बढ़ी है।

- डॉ। अशोक शुक्ला, सीएमओ कानपुर नगर