कानपुर। 4 दिसंबर 1977 को मुंबर्इ में जन्में अजीत अगरकर भारत के बेहतरीन गेंदबाजों में एक रहे। अगरकर को बचपन से ही क्रिकेट खेलने का शौक था, यही वजह है उनका यह शौक उन्हें बतौर प्रोफेशनल क्रिकेटर बना गया। अगरकर ने करीब 9 साल तक इंटरनेशनल क्रिकेट खेला। यही नहीं वह उन चुनिंदा भारतीय क्रिकेटरों में शामिल हैं जिन्होंने भारत की तरफ से पहला टी-20 इंटरनेशनल मैच खेला। साल 2013 में अगरकर ने क्रिकेट को हमेशा के लिए अलविदा कह दिया।

इस भारतीय गेंदबाज ने 2011 में जड़ा था शतक

लॉर्ड्स मैदान पर टेस्ट शतक जड़ने वालों में भले ही सचिन-विराट का नाम न हो, मगर इस लिस्ट में एक भारतीय गेंदबाज का नाम जरूर शामिल है और वो हैं पूर्व तेज गेंदबाज अजीत अगरकर। क्रिकइन्फो के डेटा के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 349 विकेट अपने नाम करने वाले अगरकर ने साल 2011 में लॉर्ड्स में शतक जड़ा था। तब अजीत ने सातवें विकेट के लिए वीवीएस लक्ष्मण के साथ 126 रन की पार्टनरशिप कर शानदार नाबाद 109 रन बनाए थे। यह उनके अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का एकमात्र शतक है।
आज ही पैदा हुआ था वो भारतीय गेंदबाज,जिसका बैटिंग रिकाॅर्ड सचिन भी नहीं तोड़ पाए
अगरकर की सबसे तेज हॉफसेंचुरी

अगरकर सिर्फ गेंदबाजी ही नहीं बल्लेबाजी के लिए भी जाने जाते थे। साल 2000 में जिंबाब्वे के खिलाफ एक मैच में अगरकर ने सबसे तेज अर्धशतक जड़ सबको हैरान कर दिया था। पांच मैचों की वनडे सीरीज का आखिरी मैच रजकोट में खेला गया। जिंबाब्‍वे ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला लिया। भारतीय टीम में सचिन, द्रविड़, सहवाग और युवराज जैसे धुरंधर बल्‍लेबाज थे। सभी को लगा कि भारत एक बड़ा स्‍कोर बना देगा, स्‍कोर तो बना लेकिन इन धुरंधर खिलाड़ियों के बल्‍ले से नहीं। उस वक्‍त भारतीय टीम में हेमंग बदानी खेला करते थे, कुछ लोगों ने यह पहली बार नाम सुना होगा। लेकिन बदानी ने इस मैच में 77 रन बनाए। इसके बाद क्रीज पर उतरे दो गेंदबाज आर सोढ़ी और अजीत अगरकर, सोढ़ी ने 53 रन बनाए लेकिन चर्चा तो हुई सिर्फ अगरकर की। इस तेज गेंदबाज ने मैच में 21 गेंदों में पचासा ठोंक दिया। यह देख हर कोई हैरान था, क्‍योंकि एक गेंदबाज का इस तरह की धुंआंधार पारी खेलना वाकई अचरज था।

18 सालों से कोई नहीं तोड़ पाया
अगरकर का यह रिकॉर्ड आज भी बरकरार है, पिछले 17 सालों में इस रिकॉर्ड को कोई नहीं तोड़ पाया। भारत की तरफ से सबसे तेज वनडे फिफ्टी की बात आती है तो सबसे ऊपर अजीत अगरकर का नाम आता है। आपको बता दें कि अगरकर और सचिन के गुरु एक ही रहे हैं, रमाकांत आचरेकर। अजीत ने जूनियर लेवल पर क्रिकेट की शुरुआत बतौर बल्‍लेबाज शुरु कर थी। स्‍कूल क्रिकेट में तो वह तिहरा शतक तक जड़ चुके थे। नेशनल क्रिकेट टीम में आते-आते वह एक तेज गेंदबाज बन गए और विश्‍व क्रिकेट में बतौर गेंदबाज खूब नाम कमाया।

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