क्त्रन्हृष्ट॥ढ्ढ : सदर हॉस्पिटल को हरा-भरा करने के नाम पर लाखों रुपए के घोटाला किए जाने का मामला सामने आ रहा है. जिस प्लांट व गमले की कीमत बाजार में 100-200 रुपए के बीच है, उसे 500-1200 रुपए की दर से खरीदा गया. इस तरह एक एक प्लांट पर तकरीबन 400-1800 रुपए तक ज्यादा फूंक दिए गए. हॉस्पिटल में चल रहे इस 'हरियाली घोटाला' पर न तो तो हॉस्पिटल और न ही हेल्थ डिपार्टमेंट के अफसरों का ध्यान जा रहा है. ऐसे में प्लांट-गमले के नाम पर पैसे के बंदरबांट का सिलसिला बखूबी जारी है.

नहीं होती कोई देखरेख

खास बात है कि प्लांट-गमले की खरीदारी तो बाजार से काफी ज्यादा पर की तो गई ही है, लेकिन इन पौधों की देखरेख पर किसी तरह का ध्यान नहीं रखा जा रहा है. कई पौधे तो सूख गए हैं, वहीं गमलों के टूटने का सिलसिला जारी है. लेकिन, जैसे ही कोई वरीय अधिकारी हॉस्पिटल का दौरा करते हैं, गमलों को आनन-फानन में बदल दिया जाता है, ताकि उनका ध्यान इस ओर नहीं दिया जाए. ऐसे में 'हरियाली घोटाला' से अधिकारी या तो अनजान है अथवा जानकर भी आंखें मूंदे हुए हैं.

अफसर आते तो खरीद लेते नए गमले

सदर में चल रहे हरियाली घोटाले पर पर्दा न उठे, इसके लिए इस घोटाले में शामिल लोग काफी चालाकी बरत रहे हैं. जब भी हेल्थ डिपार्टमेंट के अफसर यहां का इंस्पेक्शन करने आते हैं तो वे वैसे गमलों को बदल देते हैं जो या तो टूट गए हैं अथवा जिनमें पौधे सूखे हुए होते हैं. ऐसे में अधिकारियों की नजर इस ओर नहीं जा पाती है. मालूम हो कि गमले रिसेप्शन और वार्डो में लगाए गए हैं.