-आज सुहागिनें हरितालिका तीज का कठिन व्रत रखेंगी

-हरितालिका तीज पर शिव-पार्वती की पूजा की जाती हैै

BAREILLY: पति की लंबी आयु और परिवार की खुशहाली के लिए आज सुहागिनें हरितालिका तीज का कठिन व्रत रखेंगी. इस व्रत में व्रत की शुरुआत होने से अगले दिन के सूर्योदय तक अन्न या जल का सेवन नहीं किया जाता. उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र में पड़ने वाले हरितालिका तीज पर शिव और पार्वती का पूजन किया जाता है. इस बाबत वेडनसडे देश शाम को पूजन के लिए सुहागिनों ने पूजा की थाल, सोलह श्रृंगार व अन्य पूजन की सामग्रियों की खरीददारी की.

शुभ मुहूर्त और पूजा की थाली

ज्योतिषाचार्य संजय सिंह के अनुसार पूजन का शुभ मूहूर्त गुरुवार सुबह करीब 05:37 बजे से शुरू होकर शुक्रवार सुबह 6:38 बजे सूर्योदय के साथ समाप्त होगा. उन्होंने बताया कि सुहागिनें शिव और पार्वती की चार अंगुल की मूर्ति बनाकर पूजन 'ऊं शिवशक्त्यै नमम:' मंत्र से करें. वहीं हरतालिका तीज के मौके पर पूजा की थाली में रोली, चंदन, जौ, तिल, चावल, पीली सरसों, हल्दी, महावर, दूध, दही, घी, शहद, विल्व पत्र, पुष्प, कलावा व अखंड दीप रखें. साथ ही सोलह श्रृंगार में बिंदी, सिंदूर, आलता, काजल, चूड़ी समेत अन्य श्रृंगार के सामान रखें.

व्रत से कम होता है मंगल का प्रभाव

ज्योतिषाचार्य पं. राजेंद्र त्रिपाठी के मुताबिक मंगल से प्रभावी लोग हरितालिका तीज के मौके पर व्रत रखें और शास्त्र सम्मत पूजन करें तो मंगल दोष के प्रभाव के कम होने की संभावना होती है. ऐसे में कुंवारी कन्याएं केवल शिव का पूजन करें और पुरुष मंगल स्नान ना करें और शाम ढ़लते ही व्रत तोड़ दें. वहीं सुहागिनें सुबह मंगल स्नान करते हुए व्रत धारण करने का संकल्प लें.