- कई सरकारी अस्पतालों में नहीं है लैप्रोस्कोपी की फैसिलिटी

- ऐसे में सर्जरी का यह मैथड भूल गए वहां तैनात सर्जन

- अब दून मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल देना सर्जन को ट्रेनिंग

देहरादून,

जिन सरकारी अस्पतालों में लैप्रोस्कोपिक सर्जरी की फैसिलिटी नहीं है, वहां के डॉक्टर इस हाईटेक सर्जरी को ही भूल चुके हैं. वे ओपन सर्जरी तो कर रहे हैं, लेकिन लैप्रोस्कोपिक सर्जरी में उनके हाथ कांप जाते हैं. ऐसे में अब उन्हें लैप्रोस्कोपी का प्रशिक्षण देने की तैयारी है. दून मेडिकल कॉलेज द्वारा यह पहल की गई है. खासतौर से पहाड़ों में तैनात सर्जन्स को 1 माह की स्पेशल ट्रेनिंग दी जाएगी ताकि वे सर्जरी के इस मैथड से अपडेट हो सकें.

कई अस्पतालों में नहीं लैप्रोस्कोपी

कई सरकारी अस्पतालों में आज भी लैप्रोस्कोपिक सर्जरी की फैसिलिटी नहीं है, वहां पर तैनात सर्जन मरीजों की ओपन सर्जरी ही कर रहे हैं, ऐसे में वे लैप्रोस्कोपी भूल चुके हैं और अपडेट नहीं है. उन्हें अपडेट करने के लिए दून मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल द्वारा लैप्रोस्कोपी सर्जरी की विशेष ट्रेनिंग देने की पेशकश की गई है. कई डॉक्टर्स ने इसके लिए रजिस्ट्रेशन भी कराया है. जनरल सर्जन और गायनेकोलॉजिस्ट्स को विशेष रूप से ट्रेंड किया जाएगा, मेडिकल कॉलेज द्वारा उन्हें एक माह तक ट्रेनिंग दी जाएगी.

दून मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डा. आशुतोष सयाना ने बताया कि जो भी सर्जन इस ट्रेंनिग में शामिल होना चाहते हैं वे सीएमओ के माध्यम से इस ट्रेनिंग का हिस्सा बन सकते हैं.

इन सर्जरी की होगी ट्रेनिंग

गॉल ब्लैडर स्टोन

एपेंडिक्स

हार्निया

डायग्नोस्टिक लेप्रोस्कॉपी