आगरा। स्वाइन फ्लू के बाद डेंगू और मलेरिया अपने पैर पसारने के लिए तैयार हैं। हल्की-फुल्की बारिश के बाद मच्छरों का प्रकोप और भी बढ़ जाता है। हर घर में बुखार के मरीजों को संख्या बढ़ने लगती है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग ने अभी तक अपनी कमर नहीं कसी है। विश्व डेंगू दिवस पर भी कोई ऐसी एडवायजरी ब्लॉक स्तर पर नहीं जारी की गई है, जिससे लोगों को अभी से सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हो। सरकारी एवं गैर सरकारी अस्पतालों में कोई पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए हैं। डेंगू और मलेरिया से बचने का एक ही उपाय है और वो है जागरूकता। जुलाई आते ही डेंगू के मरीजों का सामने आना शुरू हो जाएगा।

नहीं चलाया कोई जागरूकता कार्यक्रम

डेंगू, मलेरिया से बचने के लिए सरकारी स्वास्थ्य विभाग द्वारा एडवायजरी जारी की जाती है एवं उनसे बचने के लिए लोगों को जागरूक किया जाता है। जागरूकता कार्यक्रम स्कूल, कॉलेज आदि जगहों पर प्रचार-प्रसार के माध्यम से चलाए जाते हैं। मई का अंतिम सप्ताह चल रहा है। विश्व डेंगू दिवस भी बीत चुका, लेकिन स्वास्थ्य विभाग अभी भी चुपचाप बैठा है। बदलता मौसम भी लोगों को बीमार कर रहा है।

सरकारी अस्पतालों में नहीं है इंतजाम

एसएन की रोजाना चलने वाली ओपीडी में बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ी है। सीजनल बुखार की तरह मरीजों का इलाज किया जा रहा है। एसएन की माइक्रोबायोलॉजी में डेंगू की जांचें उपलब्ध हैं, लेकिन अभी ओपीडी में बुखार के मरीजों में सतर्कता से नजर रखने के कोई आदेश नहीं दिए गए हैं। ऐसे में डेंगू के मरीजों को प्राइवेट अस्पताल लूट कर अपनी जेबें भर लेते हैं। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि चुनाव के चलते कामों में देरी हुई है, जल्द ही जागरूकता कार्यक्रम से लोगों को जागरूक किया जाएगा।

लक्षण

-व्यक्ति को तेज बुखार आ जाता है।

- सिर में दर्द बना रहता है

-हर वक्त उल्टी का एहसास होता है

-मांसपेशियों तथा हड्डियों में दर्द होता है

-व्यक्ति की त्वचा पर रेशेज पड़ जाते हैं

-आंखों के मूवमेंट करने में दर्द होता है।

-व्यक्ति को डेंगू होने पर उसे बेहद कमजोरी और थकावट महसूस होती है

डेंगू से बचने के लिए यह अपनाएं

-अपने घरों के आस-पास पानी जमा न होने दें। रुके हुए पानी के निकास बनाएं

-जमा हुआ पानी अगर नहीं निकाला जा सकता तो उसमें पेट्रोल या कैरोसिन ऑयल डाल दें

-कूलर का पानी हफ्ते में एक बार जरूर बदलें। घर में टूटे-फूटे सामान को न रखें। खराब सामान में मच्छर पनपना शुरू हो जाते हैं

-डेंगू के मच्छर साफ पानी में पनपते हैं, इसलिए पानी की टंकी को कसकर बंद करके ही रखें

-घर में मच्छर जाली का प्रयोग करें

-फुल आस्तीन के कपड़े पहनें, पैरों को ढककर रखें