ष्ट॥न्ढ्ढक्चन्स्न्: क्षेत्र में पड़ रही भीषण गर्मी और गर्म हवाओं के कारण आमजनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। पूरा पश्चिमी सिंहभूम इस समय लू की चपेट में है। अस्पतालों में हर दिन औसतन पांच मरीज लू के प्रभाव में बीमार होकर पहुंच रहे हैं। पिछले 13 दिनों में लू की चपेट में आकर जिले के अलग-अलग हिस्सों में तीन मौतें हो चुकी हैं। हालांकि अस्पताल इन्हें सामान्य मौत बताकर अपना पल्ला झाड़ ले रहे हैं। इधर, स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के अनुसार पिछले दो सप्ताह में करीब 100 लोग लू की चपेट में आकर बीमार पड़े हैं। स्वास्थ्य निदेशालय, रांची को जिला अस्पताल से प्रतिदिन लू से प्रभावित मरीजों की रिपोर्ट भेजी जा रही है। पहली मई से 13 मई के आंकड़ों पर गौर करे तो लू से आक्रांत होकर अस्पताल में पहुंचने वाले मरीजों का ग्राफ लगातार बढ़ता जा रहा है। फणि चक्रवात के दौरान मौसम में आए बदलाव के कारण तीन व चार मई को तापमान कम रहने व गर्म हवाओं के नहीं चलने के कारण दोनों दिन लू से प्रभावित एक भी व्यक्ति अस्पताल नहीं पहुंचा। इन दोनों दिनों के अलावा हर दिन 10 से ज्यादा मरीज अस्पताल में पहुंचे, जिन्हें लू से प्रभावित पाया गया। 13 मई यानि सोमवार को 11 मरीज लू से आक्रांत होकर अस्पताल पहुंचे। इधर, रविवार को मतदान के दिन जहां मौसम सुबह से खुशनुमा था। वहीं सोमवार को सुबह से गर्मी चरम पर रही। हालांकि शाम पांच बजे के बाद मौसम ने करवट बदली। बॉर्डर इलाकों में हुई बारिश से यहां ठंडी हवाएं चलने से लोगों ने राहत की सांस ली। चाईबासा में सोमवार को अधिकतम तापमान 42 डिग्री और न्यूनतम तापमान 25 डिग्री दर्ज किया गया।