कहीं आप भी तो नहीं है लती
हाल ही में एक रिचर्स में 19-32 साल के युवक-युवतियों पर एक रिचर्स की गई। जो लगभग अपना ज्यादा से ज्यादा समय सोशल मीडिया पर बिताते थे, यानी एक हफ्ते में लगभग 2.7 बार से भी ज्यादा ऐसा करने वाले लोगों में डिप्रेशन का असर बड़े पैमाने पर देखा गया है। ऐसे लोग उन लोगों की तुलना में बहुत ही जल्दी डिप्रेशन का शिकार होते हैं जो सोशल मीडिया का इतेमाल कभी कभी करते हैं। और जो लोग इसे कुछ घंटे के लिए इस्तेमाल करते हैं वह लगभग कुछ समय के लिए सेफ हैं बशर्ते उन्हें जब तक इसकी लत नहीं लगती।

लोगों को जानना बहुत जरूरी
इस रिसर्च में लगभग 1,787 अमेरिकी लोगों ने भाग लिया था जो रोजाना एक घंटे तक अपना समय सोशल मीडिया पर बिताते हैं। इसके साथ ही इसमें उन लोगों को भी शामिल किया गया था, जो सप्ताह में 30 बार इसका इस्तेमाल करते थे। रिसर्च के नतीजे आने के बाद यह पाया गया कि इनमें से एक चौथाई लोगों में डिप्रेशन के संकेत थे। सेंटर फॉर रिसर्च ऑन मीडिया, टेक्नोलॉजी और हेल्थ के डायरेक्टर ऑफ़ पिट्स, डॉ. ब्रॉयन प्रिमैक द्वारा यह शोध किया गया था, और उन्होंने बताया कि, लोगों को इसके बारे में जानना बहुत जरुरी है क्योंकि इस शोध के नतीजे कुछ चौंकाने वाले हैं। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि, यह भी हो सकता है कि जो लोग पहले से ही डिप्रेशन के शिकार हैं वह सोशल मीडिया को ज्यादा इस्तेमाल कर रहे हों, क्योंकि शायद उनको यह लगता हो कि वह डायरेक्ट सोशल रिलेशन को बना नहीं पा रहे हैं शायद इस तरह ही वह खुश रह सकें।

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