व‌र्ल्ड हाईपरटेंशन डे पर विशेष

युवाओं में टेंशन से बढ़ रहा हाइपरटेंशन

न लें तनाव वर्ना बन जाएंगे हाइपरटेंशन के मरीज

किसी को ज्यादा पैसा कमाने की टेंशन है। किसी को नौकरी की तो किसी को जल्द से कामयाबी पाने की टेंशन है। जब ये टेंशन ज्यादा हो ज्यादा हो जाए तभी अटैक करता है हाइपरटेंशन। अब काशी वाले कितने टेंशन में हैं इसका अंदाजा आप इससे लगा सकते हैं कि जिले में हर 10वां व्यक्ति इस समय हाइपरटेंशन का शिकार है। साइलेंट किलर की तरह यह बीमारी बनारसियों को अपनी चपेट में ले रही है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार इस समय जिले में 10 प्रतिशत आबादी इसकी चपेट में आ चुकी है।

अत्यधिक यूथ हैं शिकार

नेशनल फैमली हेल्थ सर्वे-4 की रिपोर्ट के मुताबिक शहर की 15-49 उम्र वर्ग की 05 प्रतिशत महिलाएं हाइपरटेंशन से ग्रसित हैं। वहीं 15-49 आयु वर्ग में06 प्रतिशत पुरुष हाइपरटेंशन से पीडि़त मिले हैं। इस तरह करीब 40 लाख पॉपुलेशन वाले बनारस में चार लाख लोग इसकी चपेट में हैं। अगर पूर प्रदेश की बात करें तो 15-49 उम्र वर्ग की करीब 9 प्रतिशत महिलाएं, जबकि इसी आयु वर्ग में करीब 10 फीसदी पुरुष हाइपरटेंशन से पीडि़त हैं। इसमें सबसे ज्यादा पेशेंट यूथ हैं, जो किसी न किसी वजह से तनाव का शिकार होकर इस अवस्था में आए हैं।

हाइपरटेंशन बढ़ा सकता है अटैक

चिकित्सकों की मानें तो गलत खानपान के कारण भी व्यक्ति हाइपरटेंशन या हाई ब्लडप्रेशर का शिकार हो सकता है। यही नहीं आपको यह जानकर हैरानी होगी कि हाइपरटेंशन की वजह से हार्ट अटैक के चांसेस बढ़ जाते हैं। चिकित्सकों की मानें तो हाइपरटेंशन यानि उच्च रक्तचाप साइलेंट किलर है, ऐसा इसलिए कि इसके अपने कोई विशेष लक्षण नहीं होते। कई बार रोगियों को सिर में दर्द या चक्कर आने की शिकायत होती है लेकिन ज्यादातर बार इसका असर मस्तिष्क, हृदय, किडनी और आंखों तक पर होता है।

बच्चों के लिए खतरनाक

बचपन में हाई ब्लड प्रेशर की समस्या होने से बच्चों में स्ट्रोक, हार्ट अटैक, किडनी फेल, आंखों की रोशनी कम होने और एथेरोस्क्लेरोसिस या धमनी के सख्त होने के चांसेस ज्यादा होते है। कुछ केस में हाईपरटेंशन सिरदर्द, आईसाइट पर असर, चक्कर आना, नाकबंद, दिल की धड़कन का तेज होना और मिचली का कारण बन सकता है।

क्या है हाइपरटेंशन

हाइपरटेंशन यानी हाई ब्लड प्रेशर वह स्थिति होती है, जब धमनियों में रक्त का दबाव बढ़ता है। इसके कई वजहें हो सकती हैं। इनमें तनाव, फास्ट फूड, व्यायाम की कमी, स्मोकिंग, ज्यादा ड्रिंक का सेवन आदि शामिल है। सामान्य ब्लड सर्कुलेशन का रेंज 120/80 एमएमएचजी होता है। हाइपरटेंशन बढ़ने से इसका असर शरीर के मुख्य अंगों जैसे, ब्रेन, किडनी, हृदय, आंख आदि पर होता है।

कैसे करें बचाव

- रोज 25 से 30 मिनट एक्सरसाइज के साथ कम नमक का प्रयोग करें

- कम वसा वाले भोजन के इस्तेमाल से मानसिक तनाव से बचा जा सकता है।

- बीपी रोगियों को उपचार और दवाओं का विशेष ध्यान रखना चाहिए।

- धूम्रपान और शराब के सेवन से बचें

- हरी-सब्जियों और फलों का सेवन करें

- छह माह में एक बार बीपी जरूर चेक करवाएं

- कम फैट वाले डेयरी प्रॉडक्ट्स को डायट में शामिल करें

- शरीर को ऐक्टिव रखें और अपना वजन घटाएं

- फैमिली के साथ अच्छा समय बिताएं

एक नजर

40

लाख के करीब बनारस की कुल आबादी

10

प्रतिशत लोग हाइपरटेंशन के शिकार

05

प्रतिशत महिलाएं 15-49 आयु वर्ग में हाइपरटेंशन की शिकार

06

प्रतिशत पुरुष हाइपरटेंशन के शिकार 15-49 आयु वर्ग के बीच में

09

प्रतिशत महिलाएं हाइपरटेंशन की शिकार पूरे प्रदेश में

10 प्रतिशत पुरुष हाइपरटेंशन के शिकार पूरे प्रदेश में

वर्जन

जिस तरह से तनावग्रस्त लोग हाइपरटेंशन के शिकार हो रहे हैं, उसे रोकना बेहद जरुरी है। कम समय में सब कुछ पा लेने की चाहत यूथ को इस बीमारी की ओर धकेल रही है। डिपार्टमेंट की ओर से उच्च रक्तचाप (बीपी) के प्रति लोगों को जागरुक किया जा रहा है।

डॉ। पीपी गुप्ता, एसीएमओ व नोडल अधिकारी