एडवोकेट्स एसोसिएशन का चुनाव 30 को

ALLAHABAD: हाईकोर्ट एडवाकेट एसोसिएशन की 2018-2019 की कार्यकारिणी के चुनाव कार्यक्रम की घोषणा कर दी गई है. निर्वाचन अधिकारी हरिकेश सिंह ने अधिसूचना जारी कर सूचित किया है कि 30 अगस्त 2018 को उपाध्यक्ष के तीन, महासचिव के एक, वित्त सचिव के एक, पुस्तकालय सचिव के एक व कार्यकारिणी के सात सदस्यों का चुनाव होगा. 23 से 24 अगस्त तक सुबह 10.30 बजे से शाम चार बजे तक नामांकन, 25 अगस्त को जांच, 27 अगस्त को नाम वापसी व 28 अगस्त को फाइनल लिस्ट का प्रकाशन किया जाएगा. 29 अगस्त को 1.10 बजे दक्षता भाषण होगा तथा 30 अगस्त 18 को मतदान होगा और इसी दिन मतगणना शुरू हो जाएगी. चुनाव कराने का निर्णय एसोसिएशन की बैठक में लिया गया. अध्यक्षता वरिष्ठ उपाध्यक्ष अशोक भटनागर व संचालन महासचिव देशरत्‍‌न चौधरी ने किया.

निजी सचिव समेत कई अफसर प्रोन्नत

इलाहाबाद हाईकोर्ट के सूर्य प्रकाश प्राइवेट सचिव ग्रेड एक की सहायक रजिस्ट्रार/प्राइवेट सचिव ग्रेड दो पर पदोन्नत की अधिसूचना जारी की है. इनके अलावा अपर प्राइवेट सचिवों अनुज निगम, इमरान अहमद सिद्दीकी, व अमरीष कुमार सिंह को प्राइवेट सचिव ग्रेड एक पर प्रोन्नति दी गई है. कर्मचारी संघ के महासचिव बृजेश शुक्ल ने बताया है कि महानिबंधक फैज आलम ने 21 अगस्त को अधिसूचना जारी कर अनूप कुमार श्रीवास्तव, श्रीकांत, अजमत अली, राम सूरत मौर्य, उप निबंधक सह न्यायपीठ सचिव श्रेणी 3 को संयुक्त निबंधक सह न्यायपीठ सचिव श्रेणी 4 पद पर, मुक्तेश्वर प्रसाद, वसीम अहमद, पद्म प्रकाश श्रीवास्तव, अशरफ अली सिद्दीकी व कुलदीप सिंह सहायक निबंधक सह न्याय पीठ सचिव श्रेणी 2 से उप निबंधक सह न्यायपीठ सचिव श्रेणी 3 पद पर प्रोन्नत की है.

बकरीद पर पशु वध पर डीएम को निर्णय लेने का निर्देश

22 अगस्त को बकरीद के अवसर पर इलाहाबाद शहर में बूचड़खाने बंद होने के चलते बड़े जानवरों को काटने की अनुमति व बूचड़ खाने खोलने की मांग में दाखिल याचिका पर हाई कोर्ट ने जिलाधिकारी से 24 घंटे में याचियों की मांग पर विचार कर निर्णय लेने का निर्देश दिया है. कोर्ट ने जिलाधिकारी को नियमानुसार निर्णय लेने को कहा है.

यह आदेश जस्टिस विक्रमनाथ तथा जस्टिस डीएस त्रिपाठी की खण्डपीठ ने जावेद मोहम्मद की याचिका पर दिया है. याची का कहना है कि बकरीद पर बड़े जानवरों के काटने की व्यवस्था नहीं है. इसलिए बंद बूचड़खाने तीन दिन के लिए खोले जाएं. सरकारी वकील का कहना था कि छोटे जानवरों को निर्धारित संख्या में काटने की नियमानुसार छूट है.