प्रतिकूल प्रविष्टि देने का सचिव को निर्देश

सेवानिवृत्ति परिणामों के भुगतान में देरी पर 6 फीसदी ब्याज का आदेश

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सिंचाई विभाग के अधिकारी अभियंता के हाफ पिंक शर्ट व जीन्स पहनकर पेश होना महंगा पड़ गया. इलाहाबाद हाईकोर्ट ने वाराणसी के अभियंता विजय कुमार कुशवाहा पर ड्रेस कोड में न आने पर न केवल 5 हजार रुपये हर्जाना लगाया वरन उनकी चरित्र पंजिका में प्रतिकूल प्रविष्टि किये जाने का भी आदेश दिया है. कोर्ट ने महानिबंधक को हर्जाना राशि एक माह में जमा न होने पर वसूली कर विधि सेवा समिति में जमा कराने का भी आदेश दिया है. कोर्ट ने सिंचाई विभाग के सचिव को प्रतिकूल प्रविष्टि करने की कार्यवाही करने को कहा है.कोर्ट ने याची के पति को सेवानिवृत्ति परिलाभों के भुगतान के लिए 2011 से 2014 तक दौड़ाने पर इस अवधि का 6 फीसदी ब्याज 3 माह में भुगतान करने का आदेश दिया है.

हाई कोर्ट में हुए थे तलब

यह आदेश जस्टिस बी अमित स्थालेकर तथा जयन्त बनर्जी की खण्डपीठ ने निर्मला देवी की याचिका को निस्तारित करते हुए दिया है. कोर्ट ने अधिशाषी अभियंता कुशवाहा को तलब किया था. वह पिंक हाफ शर्ट व जीन्स पहनकर कोर्ट मे पेश हुए. कोर्ट ने आश्चर्य प्रकट करते हुए कहा कि क्या यही नार्मल ड्रेस है. क्या जीन्स पहनकर प्रथम श्रेणी का अधिकारी कार्यालय जा सकता है. कोर्ट ने कहा कि यह ड्रेस कोड नहीं है. इसलिए कुशवाहा 5 हजार रुपये हर्जाने का भुगतान करें. कुशवाहा वाराणसी में सिंचाई विभाग के बन्धी प्रखण्ड में तैनात हैं. याची के पति 2009 में सेवानिवृत्त हुए. याची के पति चंद्रिका राम सेवानिवृत्ति परिलाभों के भुगतान के लिए कार्यालय के चक्कर लगाते रहे. पहले कहा गया 80 हजार विभाग का देय है जिसे बाद में 46560 बताया गया. 2014 में इतनी राशि काटकर 2606031 रुपये का भुगतान कर दिया. भुगतान में देरी का ब्याज नहीं दिये जाने पर यह याचिका दाखिल की गयी थी.