हलफनामे के साथ हाई कोर्ट ने फिर किया तलब, 17 मई को होंगे पेश

prayagraj@inext.co.in

इलाहाबाद विश्वविद्यालय के हॉस्टल्स को अपराधमुक्त करने का बेहतर प्लान सोमवार को कुलसचिव हाई कोर्ट में पेश नहीं कर सके। उन्होंने हॉस्टल में रोहित शुक्ला नामक पूर्व छात्र की हत्या के बाद हॉस्टल्स में हुई कार्रवाई का ब्यौरा तो पेश किया लेकिन इसे अपराधमुक्त रखने का इंप्रेसिव फ्यूचर प्लान पेश नहीं कर सके। इस पर कोर्ट ने उन्हें नेक्स्ट डेट पर 17 मई को कोर्ट में हलफनामा के साथ हाजिर रहने का आदेश दिया है। सोमवार को कोर्ट में सुनवाई के दौरान मुख्य सचिव, डीजीपी व अन्य अधिकारियों ने कानून व्यवस्था कायम रखने के लिए उठाये गये कदमों की जानकारी के साथ हलफनामा दाखिल किया। कोर्ट ने डीएम, एसएसपी, की हाजिरी माफ करते हए अगली डेट पर कानून व्यवस्था कायम रखने की दिशा में उठाये गये कदमों पर बेहतर हलफनामा मांगा है।

हाई कोर्ट ने स्वत: लिया है संज्ञान

यह आदेश जस्टिस पीकेएस बघेल तथा आरआर अग्रवाल की खण्डपीठ ने हॉस्टल में हुई हत्या और शहर के आसपास की कानून व्यवस्था को लेकर कायम स्वप्रेरित जनहित याचिका की सुनवाई करते हुए दिया है। कोर्ट ने एसएसपी प्रयागराज से शहर के आसपास आपराधिक घटनाओं के साथ विश्वविद्यालय परिसर में हत्या पर कार्यवाही रिपोर्ट मांगी थी। सोमवार को सभी कोर्ट में पेश हुए। कुलसचिव ने हास्टलों को खाली करने के लिए छापों की जानकारी दी। वे परिसर को अपराध मुक्त रखने की कोई ठोस योजना नहीं पेश कर सके। सरकार की तरफ से भी शहर व आसपास के एरिया में कानून व्यवस्था में सुधार के कदमों की ठोस जानकारी नहीं दी गयी। इस पर कोर्ट ने बेहतर हलफनामा मांगा है।