नैनीताल (पीटीआर्इ)। कामकाजी महिलाआें के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। हाल ही में उत्तराखंड हाई कोर्ट ने उनके हित में फैसला सुनाया है। अब यहां तीसरे बच्चे के जन्म पर भी कामकाजी महिलाआें को मातृत्व अवकाश मिल सकेगा। जज राजीव शर्मा की एकलपीठ ने हाल ही में एक मामले की सुनवार्इ में तीसरे बच्चे के लिए मातृत्व अवकाश नहीं देने वाले नियम को असंवैधानिक करार दिया।

अनुच्छेद-42 की भावना के  विपरीत
पीठ कहा कि नियम मातृत्व लाभ अधिनियम 1961 की धारा-27 के प्रावधान के साथ ही संविधान के अनुच्छेद-42 की भावना के  विपरीत है। वहीं सरकार के प्रावधान अनुच्छेद-42 की भावना के खिलाफ नहीं होना चाहिए। बता दें कि सुशीला तिवारी अस्पताल (एसटीएच) हल्द्वानी में कार्यरत स्टाफ नर्स उर्मिला मैसी ने 2015 में पांच माह के लिए मातृत्व अवकाश के लिए आवेदन किया था।

मातृत्व अवकाश देने से किया था इंकार
अस्पताल प्रशासन ने उर्मिला मैसी को मातृत्व अवकाश देने से इंकार कर दिया था। प्रशासन ने कहा था कि तीसरे बच्चे के लिए मातृत्व अवकाश की अनुमति देने वाला कोर्इ नियम नहीं है। इस पर उर्मिला ने अपने हक के लिए एक याचिका के माध्यम से उत्तर प्रदेश मौलिक नियम-153 को चुनौती दी। इस नियम के तहत दो से अधिक बच्चों वाली महिलाओं को मातृत्व अवकाश से वंचित किया गया है।

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