- गृह सचिव व आईजी कानून व्यवस्था हाईकोर्ट में हुए पेश

NAINITAL: हाईकोर्ट ने कहा है कि यदि विवेचक गलत रिपोर्ट देंगे तो अदालत सही फैसला कैसे देगी. कोर्ट ने यह टिप्पणी पिछले साल हरिद्वार जिले में सहकारी चुनाव के दौरान दो पक्षों के बीच मारपीट मामले में जांच अधिकारी की गलत रिपोर्ट देने पर की. विवेचक की लापरवाही की वजह से गृह सचिव व आईजी कानून व्यवस्था को कोर्ट ने तलब किया था.

चुनावी रंजिश में दो पक्षों में हुई थी मारपीट

पिछले साल 22 सितंबर को हरिद्वार के झबरेड़ा में सहकारी समितियों की चुनावी रंजिश में दो पक्षों के बीच मारपीट हुई थी. ग्राम हरजौली झौझा हरिद्वार निवासी रियासत ने गंगनहर थाने में जीशान व अन्य के खिलाफ मारपीट, गाली-गलौज व जान से मारने की धमकी देने की धारा में मुकदमा दर्ज कराया. इस मामले में गिरफ्तारी पर रोक के लिए जीशान व अन्य द्वारा हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई. याचिका पर सुनवाई के दौरान मारपीट की गलत मेडिकल रिपोर्ट बनाने से नाराज कोर्ट ने प्रमुख सचिव गृह को कोर्ट में तलब कर लिया. शुक्रवार को न्यायाधीश न्यायमूर्ति लोकपाल सिंह की एकलपीठ में सचिव गृह नितेश कुमार झा व आईजी कानून व्यवस्था दीपम सेठ पेश हुए. आईजी ने कोर्ट को बताया कि झगड़ा चुनावी रंजिश में हुआ था. जिसकी जांच के लिए एसआईटी का गठन किया गया था. पूर्व की टीम द्वारा सही जांच नहीं करने पर नई एसआईटी का गठन किया गया. एसआईटी दो माह में रिपोर्ट दे देगी. सचिव गृह ने कोर्ट में बयान दर्ज कराया कि जांच एजेंसियों व विवेचकों को जांच की गुणवत्ता सुधारने के लिए प्रशिक्षण दिया जाएगा. सुप्रीम कोर्ट व हाई कोर्ट के दिशा-निर्देशों को लेकर विवेचकों को अलर्ट किया जाता है, जबकि त्रुटिपूर्ण जांच में संबंधित विवेचक के खिलाफ कार्रवाई की जाती है.