हिलेरी 11 मार्च को आई हैं भारत
अमेरिका की पूर्व विदेशमंत्री हिलेरी क्लिटंन तीन द‍िवसीय न‍िजी भारत यात्रा पर आई हैं। ह‍िलेरी 11 मार्च को रात 8 बजे इंदौर पहुंचीं। यहां से 8.25 बजे सड़क मार्ग से वे महेश्वर के लिए रवाना हुई और 10.23 बजे वहां पहुंचीं।

mp में सैंड‍िल की वजह से कुछ ऐसे सीढ़ियों से फ‍िसलीं हिलेरी क्लिंटन,जानें क्‍यों आईं वो भारत

रिजर्ड होलकर ने द‍िया था न‍िमंत्रण
कड़ी सुरक्षा के बीच वे सीधे राजवाड़ा परिसर में बने होटल अहिल्या फोर्ट गई। यहां पर शिवाजीराव होलकर (प्रिंस रिचर्ड होलकर) ने उनका भव्‍य स्‍वागत क‍िया है। हिलेरी को महेश्वर एवं इन्दौर के पूर्व होलकर शासकों के वंशज रिजर्ड होलकर ने भारत आने का न‍िमंत्रण द‍िया था।

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12 मार्च को मांडू का भ्रमण क‍िया
पूर्व विदेशमंत्री हिलेरी क्लिटंन को ऐत‍िहास‍िक यादगार बनाने के ल‍िए महेश्वर एवं मांडू जैसे स्‍थलों को भ्रमण करने का कार्यक्रम भी रखा गया था। ऐसे में पहले से तय कार्यक्रम के तहत हि‍लेरी क्‍ल‍िंटन ने कल 12 मार्च को मांडू का भ्रमण क‍िया।

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यहीं पर वह सीढयों पर फ‍िसल गईं
यहां के ऐत‍िहास‍िक स्‍थलों को काफी करीब से देखा। ह‍िलेरी क्‍ल‍िंटन ने मध्‍यप्रदेश के प्रसिद्ध स्मारकों जहाज महल, हिंडोला महल, होशंग शाह का मकबरा और जामा मस्जिद आद‍ि को देखकर काफी खुश हुईं। यहीं पर वह सीढयों पर फ‍िसल भी गईं।

 

इसके बाद महेश्वर के लिये हुईं रवाना
बतादें क‍ि मांडू अपनी भव्यता की कहानी कहते मांडू के महलों के खंडहर इतिहास के उत्थान और पतन का आईना है। यहां कुदरत की बेमिसाल खूबसूरती से शुमार मांडू में आसपास से गुजरते बादलों के बीच आसमान में उड़ने का अहसास होता है। इसके बाद वह महेश्वर के लिये रवाना हुईं।

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