EVM से होगी voting

नगर निकाय इलेक्शन में पहली बार ईवीएम मशीन का यूज किया जा रहा है। एडमिनिस्ट्रेशन ने इलेक्शन से पहले ईवीएम मशीनों की टेस्टिंग भी पुरी कर ली है। ताकि वोटिंग के दौरान कोई प्रॉब्लम न हो। एडमिनिस्ट्रेशन सोर्सेज के मुताबिक इलेक्शन में 1,044 ईवीएम मशीनों का यूज होंगी। निर्वाचन अधिकारी अजय ने बताया कि इलेक्शन से रीलेटेड अधिकारियों, रिटर्निंग ऑफिसर की ड्यूटी फिक्स कर दी गई है। मतदाता लिस्ट में अपना नाम दर्ज करवाने की कवायद भी अब अन्तिम पड़ाव पर है।

 

174 मतदाता केंद्र बनाए गए

वोटर्स की भारी संख्या को देखते हुए शहर के 70 वार्डों के लिए 174 मतदाता केंद्र बनाए गए हैं। इन केंद्रों पर व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने के लिए टोटल 2,610 मतदान कर्मियों की नियुक्ति की गई है। निर्वाचन अधिकारी अजय ने बताया कि शहर में 15 रिटर्निंग ऑफिसर अप्वाइंट किए गए हैं, जबकि अन्य एरिया के लिए 2-2 रिटर्निंग ऑफिसर हैं। निकाय इलेक्शन के कुछ दिन पहले बीएलओ के माध्यम से वोटर लिस्ट आपके घर पहुंचाई जाएगी।

6.5 लाख होंगे मतदाता  

अजय ने बताया कि निकाय इलेक्शन में एडमिनिस्ट्रेशन की लिस्ट के मुताबिक शहर में 6,54,056 लाख मतदाता हैं। हालांकि उप नगर आयुक्त डीके सिंहा ने बताया कि अभी छुटे हुए मतदाताओं के लिए नगर निगम ने अपने दरवाजे खुले रखे हैं। एक सिम्पल फॉर्म भरकर लोग अपना नाम दर्ज करा सकते हैं। वोटर लिस्ट में नाम दर्ज करवाने की अंतिम तिथि 25 मई है। उन्होंने बताया कि इस बार नगर निगम की लिस्ट के संसोधन के दौरान 26,000 नए वोटर सामने आए हैं।

वार्ड आरक्षण पर पर्दा उठना बाकी

नगर निगम चुनाव में ज्यादातर मेयर का आरक्षण पहले ही घोषित हो चुका है, जबकि वार्ड आरक्षण पर पर्दा उठना बाकि है। निर्वाचन कार्यालय सोर्सेज के मुताबिक 20 मई तक अन्तिम अधिसूचना जारी हो सकती है। इन हालात में एडमिनिस्ट्रशन अपनी तैयारियां पहले ही पूरी कर चुका है।

EVM के और भी है प्रभाव

ईवीएम से वोटिंग के कुछ दूरगामी परिणाम भी है। अब तक बैलेट से होने वाले इलेक्शन में एरिया वाइज ये क्लीयर नहीं होता था कि किस एरिया में किस पार्टी के सभासद प्रत्याशी को कितने वोट पड़े लेकिन हर खंड पर वोटिंग के लिए ईवीएम मशीन का यूज किए जाने से ये क्लीयर रहेगा कि किस कम्यूनिटी के कितने वोट कहां गए। इससे आगे डेवलपमेंट के कामों पर भी प्रभाव पड़ेगा। नगर निगम इलेक्शन में यूं भी 80 से 90 परसेंट तक वोटिंग होती है। ऐसे में ये देखने वाली बात होगी कि इस बार ईवीएम के इस्तेमाल का क्या असर इलेक्शन वोटिंग पर पड़ता है।

हाईटेक होगा इंतजाम

-वोटर लिस्ट पहली बार ऑनलाइन करने के लिए काम शुरू

-वोटर लिस्ट उसी स्पेशल सॉफ्टवेयर से तैयार किया जाएगा, जिससे विधानसभा चुनाव करवाए गए थे।

-नगर निगम से शहर के 70 वार्डों की सूची को राज्य निर्वाचन आयोग कुछ दिनों में वेबसाइट पर मतदाताओं के लिए उपलब्ध कर देगा।

-इसके बाद वोटर्स अपनी लिस्ट को घर बैठे देख सकता है।

-अगर आपका नाम वोटर लिस्ट में जुड़वाने से छुट गया हो तो 25 मई तक नाम जुड़वा सकते हैं।

हमने संसोधित वोटर लिस्ट तैयार करके एडमिनिस्ट्रेशन को सौंप दी है। इसबार कई मायनों में ये इलेक्शन पहले से डिफरेंट होगा। ईवीएम मशीन, ऑन लाइन वोटर लिस्ट सहित कई सुविधाओं से वोटर को बहुत फायदा होगा।

-डीके सिन्हा, उप नगर आयुक्त, चुनाव प्रभारी

वोटर लिस्ट ऑन लाइन होने से वोटर्स को काफी सहूलियत होगी। इसके लिए प्रशासन में तैयारियां चल रही है। जल्द ही हम काम पूरा कर लेंगे।

-कमल शर्मा, एनआईसी टेक्नीकल सेल

वीडियो के जरिए रखी जाएगी नजर

चुनाव प्रक्रिया शांति पूर्वक हो इसे लेकर विशेष तौर पर राज्य निर्वाचन आयुक्त एसके अग्रवाल ने ट््यूजडे को विकास भवन में बैठक की। बैठक में बरेली व मुरादाबाद मंडल से जुड़े एसएसपी, डीआईजी, डीजीपी के साथ कमिश्नर भी शामिल थे। एसके अग्रवाल ने बताया कि, यह नगरीय चुनाव शांति पूर्वक सम्पन्न हो सके इसके लिए चुनाव तीन चरणों में होगा। चुनाव के दौरान कही गड़बड़ी न हो इसके अधिकारियों को शख्त हिदायत दी है।

तीन चरणों में होंगे चुनाव

ट्यूजडे शाम को प्रेसवार्ता भी ऑर्गनाइज की गई। जहां राज्य निर्वाचन आयुक्त तीन चरणों में होने की जानकारी दी गई। नगरीय चुनाव में पहले चरण में नगर पंचायत दूसरे चरण में नगरपालिका और तीसरे चरण में नगर निगम का चुनाव होगा। वहीं दूसरी ओर जिन नगरीय निकायों में मतदान केंद्रो पर पांच या पांच से अधिक मतदान स्थल हैं अगर व अति संवेदनशील मतदान स्थल में आते हैं तो उसके लिए वीडियो, डिजिटल कैमरा और स्टेटिक मजिस्टे्रट की व्यवस्था कराने का निर्णय लिया गया है।

अति संवेदनशील जिलों में बरेली

इसके साथ ही मतदाताओं को मतदान की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए निर्वाचक नामावली को ऑनलाइन होगा। आयोग द्वारा जारी होने वाली बेबसाइट www.secup.nic.in पर आपलोड की जा रही है जिसपर मतदाता अपना विवरण आसानी से इंटरनेट की माध्यम से देख सकते है। इससे पहले ऐसी सुविधा न होने से वोटर्स को खासा परेशानियों का सामना करना पड़ता था। साम्प्रदायिक, राजनैतिक, एवं आपराधिक घटनाओं के चलते अति संवेदनशील जिलों में बरेली को नंबर वन पर रखा गया है। जिसमें बरेली में 12, बदायंू में 11, पीलीभीत में 3 मुरादबाद में 4, ज्योतिबाफूले नगर में 5 रामपुर में 3, बिजनौर में 10 नगरीय निकाय को अतिसंवेदनशील आयोग द्वारा चिन्हित किए गए है।

कार्रवाई करने का निर्देश

2006 में नगरीय निर्वाचन के दौरान जिन जिलों में चुनावी हिंसा हुई थी। उनमें चुनाव में व्यवधान करने वाले व्यक्तियों के खिलाफ शख्त कार्रवाई भी करने की बात राज्य निर्वाचन आयुक्त एसके अग्रवाल द्वारा कही गयी। ज्ञात हो की गत चुनाव में बरेली जिले में चार हिंसक घटनाएं हुई थी। जिन घटनाओं को विवेचना कर उसकी अंतिम रिपोर्ट कोर्ट में सौप दी गयी है। इतना ही नहीं होने वाले नगरीय चुनाव के दौरान गर्मी अधिक होने की वजह से चुनाव प्रक्रिया का समय मॉर्निंग या शाम को एक घंटे बढ़ाने का विचार चुनाव आयोग द्वारा किया जा रहा है।