यह कार चालक के शरीर के भार के संतुलन से संचालित होगी और वो इसे खड़ा होकर घोड़े की तरह नियंत्रित कर सकेगा. इसके साथ ही स्टीयरिंग व्हील बीते जमाने की बात हो जाएगी.

एक विश्लेषक के मुताबिक़ वर्तमान डिज़ाइन में सुरक्षा संबंधी तमाम चुनौतियां हैं, लेकिन भविष्य में विकास की काफ़ी संभावनाएं भी हैं.
टोयोटा ने कहा कि एफ़वी-2 तकनीक से भविष्य के सफ़र को रोमांचक बनाने के लिए उसमें आगे, पीछे और किनारे की दिशा में मोड़ने के लिए सेंसर लगाए जाएंगे.

सेंसर के इशारे

यह कार सेंसर के इशारों पर चलेगी और चेहरे के हावभाव और आवाज़ से सफ़र की दिशा का अनुमान लगा लेगी. कंपनी का कहना है कि कार के संवर्धित वायुरोधी शीशे पर सफ़र के आगे के रास्ते और अन्य सूचनाएं दिखाई देंगी. इस तकनीक से वाहन और चालक के बीच भरोसे का रिश्ता बनेगा, जिससे चालक को घुड़सवारी सरीखा अनुभव मिलेगा.

टोयोटा कंपनी के प्रवक्ता ने बीबीसी से कहा, "अभी यह प्रस्ताव केवल एक कल्पना मात्र है, इसका मतलब यह नहीं है कि अगले कुछ सालों में हम ऐसी कार का उत्पादन करने जा रहे हैं."

उन्होंने कहा, "हम जिन तकनीकों की बात कर रहे हैं, उनमें से कुछ आने वाले पाँच-दस सालों में कार उत्पादन की तकनीक का हिस्सा बनेंगी."

भविष्य की कारें
विभिन्न कार निर्माता कंपनियां अक्सर भविष्य की कारों से जुड़े चित्र और मॉडल का प्रदर्शन 'मोटर शो' के दौरान करती हैं.
इनका मक़सद लोकप्रियता हासिल करना होता है. लेकिन कभी-कभी कंपनियां लोगों के सुझाव हासिल करने, शोध और विकास के लिए निवेश की संभावनाओं का पता लगाने के लिए भविष्य के मॉडल पेश करती हैं.

किसी सफल विचार को अमल में लाने में लंबा वक़्त लग सकता है. उदाहरण के लिए टोयोटा ने हाइब्रिड इंजन का विचार टोक्यो शो के दौरान 1977 में रखा था.

इसके बीस साल बाद टोयोटा ने पहली हाइब्रिड कार सार्वजनिक बिक्री के लिए पेश की थी.
एक विशेषज्ञ ने कहा कि कि टोयोटा की नवीनतम डिज़ाइन उस समस्या का हल खोजने की कोशिश है, जिसका सामना पूरा कार उद्योग कर रहा है.

सुरक्षा का सवाल
आईएचएस लोकोमोटिव के सलाहकार पॉल न्यूटन कहते हैं, "अधिकांश कार निर्माता इस बात से डरे हुए हैं कि बहुत सारे युवा कार और बीमे की राशि वहन नहीं कर सकते और उनको पारंपरिक मोटर गाड़ियों का विचार बहुत ज़्यादा आकर्षित नहीं करता."

नई तकनीक की सुरक्षा को लेकर पॉल आश्वस्त नहीं हैं. वो कहते हैं, " मुझे लगता है कि कंपनी एफ़वी-2 को व्यावहारिक रूप से नहीं देख रही है. अगर आप खड़े होते हैं और इसे चलाने के लिए तैयार होते हैं, उस समय पहला विचार होगा कि अगर आप किसी को टक्कर मार बैठें तो? वर्तमान में सुरक्षा को प्राथमिकता मिलने के कारण ऐसे वाहनों का चलाने का लाइसेंस मिलने का संभावना भी शून्य के बराबर है."

पॉल बताते हैं, "लेकिन ऐसी कारों की संकल्पना भविष्य के  तकनीकी विकास के लिए ज़मीन बना रही है, जो भविष्य के मुख्यधारा के कार उत्पादन की तकनीक का हिस्सा बनेंगी. इनमें से अधिकांश चीज़ें 25 साल बाद हो रही होंगी, जो तमाम बातों को बदलकर रख देंगी. हम महसूस करेंगे कि हमने शताब्दी का अधिकांश समय मान्यताओं की तरफ आदर्श के रूप में देखते हुए बिताया है."

मित्सुबिशी, निसॉन, सुज़ूकी और होण्डा जैसी कंपनियों ने भी घोषणा की है कि वे भी भविष्य की कारों की संकल्पना 22 नवंबर से एक दिसंबर तक चलने वाले टोक्यो मोटर शो में लोगों के सामने रखेंगी.

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