- डीडीयूजीयू एडमिनिस्ट्रेशन ने तय किया था अधिकारियों के हॉस्टल का दौरा

- समस्याओं से जूझ रहे हॉस्टल, सुविधाओं के अभाव में रह रहे छात्र

GORAKHPUR: डीडीयूजीयू प्रशासन के तमाम दावों के बावजूद के हॉस्ट्लर्स अभी भी बुनियादी सुविधाओं के अभाव स जूझ रहे हैं. शौचालयों के दरवाजे टूटे हैं, कैंपस की गंदगी बिखरी हुई है, नालियां भरी हुई हैं जिससे मच्छरों की संख्या बढ़ गई है. बाथरूम से टोटी गायब है और वाई-फाई की सुविधा भी अभी तक स्टूडेंट्स को नहीं मिल पाई है. अव्यवस्था का आलम ये कि नाथ चन्द्रावत हॉस्टल में एक शौचालय पिछले एक साल से बंद है. ये हाल तब जब हॉस्टल्स से लगातार आ रही अव्यवस्थाओं की शिकायत के बाद जिम्मेदारों ने तय किया था कि चीफ इंजीनियर सहित अधिकारी हफ्ते में दो बार हॉस्टल्स का दौरा करेंगे. लेकिन स्टूडेंट्स का कहना है कि पिछले एक महीने में डीडीयूजीयू एडमिनिस्ट्रेशन की ओर से कोई भी हालचाल नहीं लेने आया है.

कैंपस में फैली गंदगी

हॉस्टल्स कैंपस के अंदर जाते ही गंदगी दिखने लगती है. कैंपस में बेतरतीब तरीके से घास उगे हैं, नालियों का पानी जगह-जगह जमा है. नालियों के जाम होने के कारण मच्छरों की संख्या लगातार बढ़ रही है. बाथरूम सही नहीं होने के कारण स्टूडेंट्स को बाहर ही नहाना पड़ता है जिससे कैंपस में पानी फैलता है. टॉयलेट्स की सफाई नहीं होने से स्टूडेंट्स पर बीमारियों का खतरा बना रहता है. स्टूडेंट्स ने बताया कि यहां कभी-कभी ही सफाई होती है. कैंपस में सफाई कर्मचारी आते ही नहीं हैं. पूरे कैंपस में डस्टबिन तक का इंतजाम नहीं किया गया है.

टॉयलेट का हाल बेहाल

नाथ चन्द्रावत हॉस्टल में एक शौचालय एक साल से अधिक समय से बंद है. ज्यादातर शौचालयों के दरवाजे बंद भी होने लायक नहीं हैं, कई के दरवाजे टूटे हुए हैं, टोटी काम नहीं कर रही है. यही नहीं सफाई नहीं होने के कारण शौचालय बेहद बदबूदार हो गए हैं. स्टूडेंट्स ने बताया कि वर्षो से यहां की सफाई व्यवस्था का यही हाल है. सफाई कर्मचारियों की नियमित ड्यूटी की मांग के बाद भी कभी ऐसा नहीं हो सका कि हॉस्टल कैंपस की नियमित सफाई हो जिससे समस्या बढ़ती जा रही है.

वाई-फाई का वादा किया गया है लेकिन पिछले ढाई महीने से सेवा बंद कर दी गई है. कैंपस में उपकरण केवल नाम के लगे हैं. गंदगी आदि सम्सयाएं भी परेशानी बढ़ा रही हैं.

- चितरंजन शर्मा, बीए

बाथरूम नहीं होने के कारण स्टूडेंट्स को बाहर ही नहाना पड़ रहा है. व्यवस्था सही करने के लिए हम लोग कई बार मांग कर चुके हैं लेकिन कुछ नहीं हो रहा है. विशाल शर्मा, बीएससी

शौचालय का दरवाजा टूटा हुआ है, सफाई होती ही नहीं है लेकिन कोई पूछने वाला नहीं है. डीडीयूजीयू से कोई झांकने तक नहीं आता है.

- नीरज मद्देशिया, बीकॉम

नालियों में पानी जमा होने के कारण मच्छरों की संख्या काफी बढ़ गई है. महीनों से नालियों की सफाई नहीं हो पाई है.

- रजनीश सिंह, बीए