क्त्रन्हृष्ट॥ढ्ढ: स्टेशन रोड स्थित दशमेश अपार्टमेंट में तप रही जमीन को तोड़ने के लिए अपार्टमेंट में रहने वाले लोगों ने गुरुवार की सुबह मजदूरों को बुलाया. सुबह-सुबह हथौड़ी, छेनी लेकर मजदूरों की टीम मौके पर पहुंची और काम शुरू करने के लिए निरीक्षण करने लगी. जैसे ही उन्होंने जमीन पर हाथ रखा और देखा कि जमीन तप रही है, पानी डालने से सूख जा रहा है और हल्का धुआं भी निकल रहा है, सारे के सारे मजदूर हाथ जोड़ और दिहाड़ी छोड़ वहां से भाग खड़े हुए. उन्होंने साफ कहा कि हमलोग काम नहीं कर सकते, क्योंकि ऐसी तपने वाली जमीन और ऐसा मामला पहले कभी नहीं देखा है. बाद में लोगों ने अपने स्टाफ्स को लगाकर गर्म हो रही जमीन पर ड्रील करवाई तो वहां से ज्यादा हीट और धुआं निकलने लगा. हालांकि, इतने सेंसिटीव मामले के खुलासे के बावजूद अब तक प्रशासन का कोई भी अधिकारी वहां निरीक्षण के लिए नहीं पहुंचा है.

छेद से निकल रहा धुआं

ड्रील कर जमीन पर करीब 9 से ज्यादा छेद किए गए जिनमें सारे स्थानों से हीट निकलती पाई गई. छेद से धुआं निकल रहा है और हल्की बदबू भी आ रही है. उसमें पानी डालने से पानी तुरंत सूख जा रहा है.

हटाई गाडि़यां, बिजली बंद की

ड्रील करने की खबर भूगर्भशास्त्री नीतिश प्रियदर्शी को दी गई. उन्होंने कहा कि तुरंत आसपास से गाडि़यां हटा ली जाएं और बिजली का मेन स्वीच ऑफ कर दिया जाए. उन्होंने कहा कि जो भी व्यक्ति ड्रील कर रहा है वो नाक पर कपड़ा रख ले, नहीं तो खतरा हो सकता है.

मंडरा रहा खतरा, खौफ में लोग

जानकारों का मानना है कि जमीन कभी भी धंस सकती है. इससे आसपास के इलाके भी प्रभावित हो सकते हैं. अपार्टमेंट के पीलर्स में दरार आने या जमीन धंसने पर बड़ा हादसा हो सकता है. अपार्टमेंट के कई लोग घर छोड़कर दूसरी जगह शिफ्ट हो रहे हैं.

वर्जन

वर्ष 1988 में भी भूंकंप के बाद किसी-किसी एरिया की जमीन तपने लगी थी. दो साल पूर्व रांची में भूकंप आने के बाद लालपुर और हरमू इलाके में कहीं-कहीं बोरिंग धंस गई थी और जमीन गर्म हो रही थी. संभव है कि भूकंप के कारण एक गैप डेवलप हुआ और बोरिंग के ड्रील से सपोर्ट लेकर वहां इफेक्ट कर रहा है. संभव है कि नीचे मिथेन गैस हो या चट्टानों के टकराव से हीट बन रहा हो. मामले का खुलासा मिट्टी की जांच के बाद ही हो सकता है.

नीतिश प्रियदर्शी, भूगर्भशास्त्री

...क्या कहते हैं अपार्टमेंट के लोग.......

हमलोगों ने आज ड्रील करने के बाद नीतिश जी को बुलाया, उन्होंने कहा कि ड्रील के गढ्डों में पाइप डालकर पानी डालते रहें और देखें कि ओवरफ्लो होता है या नहीं, लेकिन करीब 1000 लीटर से अधिक पानी डाले जाने के बाद भी पाइप से पानी ओवरफ्लो नहीं हुआ है. लोगों को दुर्घटना की आशंका से थोड़ा डर भी लग रहा है.

रंजीत सिंह राजपाल(बिट्टू)

जमीन ऐसे गर्म हो रही कि लग रहा है कहीं ब्लास्ट ना हो जाए या धंस ना जाए. अगर ऐसा होगा तो काफी क्षति पहुंच सकती है क्योंकि यह रिहायशी इलाका है और काफी लोग रहते हैं.

इंदरप्रीत सिंह चावला