अभी तक प्रशासन व एमडीए के सहयोग से ही अवैध निर्माण को ध्वस्त किया जाता था

Meerut. अवैध निर्माणों पर लगाम लगाने में नाकाम आवास-विकास को अब जल्द ही ध्वस्तीकरण की संजीवनी मिलने वाली है. अभी तक अवैध भवन को ध्वस्त करने के लिए आवास-विकास को एमडीए से सहयोग लेना पड़ता था. प्रशासन व एमडीए के सहयोग से ही अवैध भवन को ध्वस्त किया जाता था लेकिन जल्द ही आवास-विकास को सीलिंग से लेकर ध्वस्तीकरण की सभी पावर मिल सकती हैं.

हजारों अवैध निर्माण

आवास-विकास के दायरे में शास्त्रीनगर सेंट्रल मार्केट जैसे पूरे अवैध बाजार समेत जयदेवीनगर, मंगलपांडेय नगर, जागृति विहार आदि कालोनियों में हजारों की संख्या में अवैध निर्माणों की सूची है. जिन पर अभी तक आवास-विकास केवल सीलिंग या नोटिस चस्पा तक की कार्रवाई कर पाया है. अगर ध्वस्तीकरण की पावर आवास-विकास को मिलती है, तो शहर के दो हजार से अधिक अवैध निर्माणों पर गाज गिरना तय है.

मुख्यालय स्तर पर अभी इस संबंध में विचार चल रहा है. संभवता ध्वस्तीकरण की पावर विभाग को मिल सकती है. अभी तक केवल एफआईआर और सीलिंग तक विभाग सीमित था.

प्रमोद कुमार, ईएक्सईएन