एक लोकप्रिय टीवी कार्यक्रम 'लेट अस टॉक' में अपने माता-पिता के सामने समलैंगिकता जाहिर करने पर चर्चा होने के बाद चीन में इस मसले पर ऑनलाइन बहस छिड़ गई है।

चीन में सोशल मीडिया साइट वेइपो पर आठ हज़ार से ज्यादा लोगों ने इस बारे में टिप्पणी की है।

प्रतिक्रिया
जब उसने कहा,पापा,मैं समलैंगिक हूँ
कई चीनी नौजवान वेइपो पर बात कर रहे हैं कि उन्होंने कैसे अपने मां-बाप को अपनी सेक्सुअलिटी के बारे में बताया।

वीबो यूजर सु रुओ कोको कहती हैं, "मुझे याद है जब पहली बार मैंने अपने डैड को बताया था कि मैंने एक लड़की को चूमा है, वे करीब तीन मिनट तक शांत रहे थे। तब फिर उन्होंने पूछा वे कैसी इंसान हैं और कब मैंने उसे पसंद करना शुरू किया..... मैं अपने आप को खुशकिस्मत समझती हूं।"

एक दूसरे यूज़र योंग हाइरु का कहना है," अगर मेरा बेटा या बेटी समलैंगिक है और उनका पार्टनर उनका ख्याल रखता है तो मैं इसे अपना लूंगा, ज़िंदगी बहुत मुश्किल है हम कौन होते हैं नियमों में इसे बांधकर सीमित करने वाले।"

लेकिन कुछ लोगों ने कम सहिष्णु परिवार का अनुभव भी शेयर किया है।

एक यूज़र यी यी गी का कहना है, "मेरे लिए यह एक बहुत बड़ी समस्या है क्योंकि मेरा परिवार इसे बिल्कुल भी स्वीकार नहीं कर सकता है। मैं कभी भी अपने माता-पिता का दिल तोड़ना नहीं चाहता था।"

खुली बहस
जब उसने कहा,पापा,मैं समलैंगिक हूँ
चीन में इस खुली बहस ने लाखों लोगों का ध्यान खींचा है। चीन में सामाजिक मुद्दों पर आनलाइन बहस आसान नहीं है।

हाल ही में सिविल सोसायटी पर होने वाली कार्रवाई के तहत कई ऑनलाइन नारीवादी कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया था। हालांकि फिर बाद में उन्हें रिहा कर दिया गया था।

अमरीका में बने नए क़ानून का बड़ा प्रभाव पड़ा है। लगता है अब यह कोई कलंक नहीं रहा।

पिछले महीने वेइपो के फैन्स फॉर शी जिनपिंग के पेज पर यूज़र्स से अमरीकी सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले पर राय मांगी गई थी, जिसके जवाब में फ़ैसले को जबरदस्त समर्थन प्राप्त हुआ था।

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