कानपुर। जर्मनी के ओल्डेनबर्ग में स्थित डेलमेनहॉर्स्ट अस्पताल की आईसीयू में नील्स होगल नाम का एक नर्स रेफरेंस लेटर के साथ आया था। उसकी सिफारिश को देखते हुए अस्पताल में उसे काम पर रख लिया गया। बाद में वह नर्स आगे चलकर जर्मनी का सबसे खतरनाक सीरियल किलर बन गया। द न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, 42 वर्षीय नील्स होगल पर आरोप है कि उसने 300 से अधिक रोगियों की हत्याएं की हैं। अधिकारियों का मानना है कि साल 2000 से लेकर गिरफ्तार होने तक उसने इतने सारे मरीजों की हत्या की थी। जांच अधिकारियों को नील्स के अपराधों को दुनिया के सामने लाने में करीब एक दशक का समय लग गया। अब तक अधिकारियों ने जर्मनी, तुर्की, पोलैंड से 130 से अधिक मरीजों के शव बरामद किए हैं।

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43 लोगों की हत्या करने की बात की स्वीकार

होगल ने 43 लोगों की हत्या करने की बात स्वीकार की है, 52 लोगों की हत्या पर अब तक कुछ नहीं कहा है और अन्य पांच लोगों को मारने से इनकार कर दिया है। अधिकारियों का कहना है कि नील्स होगल ने दवा के ओवरडोज वाले इंजेक्शन देकर 300 से अधिक मरीजों की हत्या की है। इन हत्याओं के पीछे क्या कारण था, इसके बारे में अभी कोई पता नहीं चल पाया है। जर्मनी में एक अदालत ने नील्स को  उसके जुर्म के लिए उम्रकैद की सजा दी है। उसके करतूतों को लेकर अस्पताल के प्रशासन पर भी सवाल उठ रहे हैं। अस्पताल के प्रशासन को होगल पर कभी भी शक नहीं हुआ। मरीजों की लगातार हो रही मौतों के बाद भी उसे मरीजों से दूर रखने और काम पर आने से रोकने की कोई कोशिश नहीं की गई। इस मामले में जांच अधिकारी उसके पूर्व साथी कर्मचारियों से भी पूछताछ कर रहे हैं। क्रिश्चियन मारबैक नाम के व्यक्ति के दादा भी नील्स का शिकार बन चुके हैं। मारबैक ने कहा कि अगर जर्मनी में 300 से अधिक मौतों की बात छिपाई जा सकती है, तो सोचिए और क्या संभव है?

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