RANCHI: इंडियन इंटेलिजेंस टेस्ट यानी आईआईटी सीजन 6 में सैकड़ों स्टूडेंट्स ने अपने करियर की दिशा तय की. दैनिक जागरण आईनेक्स्ट के तत्वावधान में आयोजित इस ऑनलाईन परीक्षा के लिए कांटाटोली स्थित मंगल टावर के एडम इंस्टीट्यूट में सेंटर बनाया गया था. इसमें झारखंड के अलग-अलग जिलों से स्टूडेंट्स ने भाग लिया. करीब दो घंटे के एग्जाम में मल्टीपल इंटेलीजेंस सेक्शन में 40 और एप्टीट्यूड सेक्शन सहित 100 सवाल पूछे गए. इस टेस्ट में क्लास पांच से लेकर 12वीं तक के स्टूडेंट्स शामिल हुए. आगामी 29 अगस्त को रांची के विभिन्न स्कूलों में ऑफलाईन रजिस्टर्ड स्टूडेंट्स की परीक्षा होगी.

सिलेबस से ही पूछे सवाल

ज्यादातर स्टूडेंट्स ने निर्धारित समय सीमा से पहले ही सभी सवालों को हल कर लिया. दसवीं और बारहवीं के स्टूडेंट्स को मैथ्स और साइंस सब्जेक्ट के सवालों को हल करने में थोड़ा बहुत समय लगा. हालांकि स्टूडेंट्स ने दो घंटे के एग्जाम में ज्यादातर सवालों का जवाब दे दिया. कुछ स्टूडेंट्स ने माइनस मार्किंग से बचने के लिए कठिन सवालों का जवाब लिखना बेहतर नहीं समझा.

छोटे बच्चों में ज्यादा उत्साह

एग्जाम देने पहुंचे क्लास 5 और 7 के बच्चों में आईआईटी को लेकर खासा उत्साह देखा गया. उन्होंने बताया कि सिलेबस के अन्दर से ही सवालों को पूछा गया था और उन्हें उम्मीद है कि उन्होंने जो जवाब लिखे हैं वो सही और सटीक हैं. चूंकि लैंग्वेज सेलेक्ट करने की आजादी थी इसलिए बच्चों को एग्जाम देने में किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं हुई. ज्यादातर बच्चों ने इंग्लिश में ही क्वेश्चन की डिमांड की थी.

ओएमआर शीट से एग्जाम

स्टूडेंट्स ने ओएमआर शीट के माध्यम से परीक्षा दी. आईआईटी को लेकर बच्चों सहित अभिभावकों में भी काफी उत्साह था. बच्चों के लिए एग्जाम का फॉमरर््ेट उनका उत्साहव‌र्द्धन कर रहा था तो अभिभावक भी बच्चों की परीक्षा को लेकर उत्साहित दिखे.

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क्या बोले परीक्षार्थी

एग्जाम ओएमआर सीट पर हुआ ये हमारे लिए एक अलग प्रकार का अनुभव था, जो हमें आगे होने वाली परीक्षाओं के लिए मार्गदर्शन देगा.

- सृष्टि

मैं तो आईआईटी को लेकर काफी उत्साहित था. मैंने इस टेस्ट को दिया तो नॉलेज मिला. साथ ही मेरा मैथ्स, रीजनिंग, जीके और साइंस का लेबल क्या है, इसका भी पता चला.

-पूर्णिमा

इस तरह की परीक्षा मैंने पहली बार लिखी है.कई क्वेश्चन कठिन थे लेकिन इस बात की खुशी है कि आईआईटी के जरिए मुझे खुद को आंकने का मौका मिला.

- अहाना

मैंने इस टेस्ट के लिए बहुत तैयारी की थी जिस वजह से मैथ्स में इम्प्रूव किया. आईआईटी से हमें करियर के साथ ही अपने लेबल की नॉलेज भी मिली.

- रोहन

क्वेश्चन मल्टीपल च्वाईस के थे. इसमें हमारे टैलेंट की भी जांच हुई. विज्ञान, मैथ्स, जीके आदि के सवाल काफी इंटरेस्टिंग लगे. और बेहतर रहा एग्जाम.

- अमन वर्मा

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क्या बोले पैरेंट्स

बच्चों के कैपाबिलिटी को आंकने के लिए आईआईटी एक बेहतरीन प्लेटफॉर्म है. इस प्रकार के एग्जाम से बच्चों में कॉम्पटीशन की भावना जागृत होती है. थैंक्स आईनेक्ट, आपके सफल प्रयास के लिए.

- विकास टोप्पो, पैरेंट्स

बच्चों के लिए इस तरह के एग्जाम एक टॉनिक जैसे होते हैं. ऐसी परीक्षाओं से बच्चों में उत्साह बढ़ता है और खुद की क्षमताओं को आंकने का स्थान मिलता है.

- राकेश कुमार सिंह, पैरेंट्स

दैनिक जागरण आईनेक्स्ट का एक बेहतरीन प्रयास है. बच्चों की क्वालिटी को निखारने में ऐसे एग्जाम सहायक सिद्ध होंगे. साथ ही उन विषयों की तैयारियों पर फोकस कर सकेंगे, जिनमें वो कमजोर हैं.

-फरहान जमा, पैरेंट्स