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JAMSHEDPUR: लौहनगरी के कॉलेजों में वर्चस्व को लेकर छात्र संघों ने कॉलेजों को अखाड़ा बना दिया है। जहां आए दिन मारपीट, तनातनी और हुड़दंग से कॉलेज प्रशासन और छात्र आजिज हो चुके हैं। छात्र संघ चुनाव की सुगबुगाहट शुरू होने से पहले ही कॉलेजों में मारपीट और वर्चस्व का सिलसिला शुरू हो गया है।

सीसीटीवी कैमरा पड़े बंद

शहर में अभी कई कॉलेजों में सीसीटीवी कैमरे नहीं होने से अराजक तत्व आसानी से उपद्रव कर निकल जाते हैं। बताते चलें कि हाल में ही ग्रेजुएट कॉलेज में हुए बवाल में बाहर से आए छात्रों ने प्रधानाचार्य कक्ष में एक दूसरे पर कुर्सियां फेंककर मारपीट की थी और मौका पाकर उपद्रवी मौके से भाग निकले थे।

सुरक्षा का नहीं है इंतजाम

शहर में बने कालेजों में सुरक्षा के नाम पर कोई इंतजाम नहीं हैं। शहर में दो महिला और चार कंबाइंड कॉलेजों में सुरक्षा के नाम पर गार्ड तक की तैनाती नहीं हैं। इससे कॉलेजों की सुरक्षा राम भरोसे हैं। शहर के दोनों महिला कॉलेज में पुलिस या होमगार्ड की तैनाती नहीं होने से बाहर के छात्र कॉलेजों में घुसकर उपद्रव कर बाहर निकल जाते हैं।

कॉलेज जहां छात्र संघ है सक्रिय

-को-ऑपरेटिव कॉलेज, साकची

-ग्रेजुएट कॉलेज, साकची

-वूमेंस कॉलेज, बिष्टुपुर

-एबीएम कॉलेज, गोलमुरी

-एलबीएसएम कॉलेज, करनडीह

-वर्कर्स कॉलेज, मानगो

कब-कब हुआ विवाद

-1 अक्टूबर 2018 : बीएड में एडमिशन रद्द होने से एबीवीपी और जेसीएम की छात्राओं के बीच जमकर लात-घूसे चले। मारपीट में एक दर्जन छात्राएं घायल हो गईं।

-9 अगस्त 2018 : ग्रेजुएट कॉलेज में एबीवीपी के सदस्यता अभियान अभियान में जेसीएम छात्राओं के विरोध पर भिड़े गुटों ने कुर्सियां फेंकी। आधा दर्जन छात्र हुए थे घायल, पुलिस मूक दर्शक बनी।

-4 अगस्त 2018 : कॉमन रूम के उद्घाटन के चलते दो पक्षों में भिड़ंत। इसमें आधा दर्जन छात्र घायल हो गए। पुलिस के मोर्चा लेने के बाद मामला शांत हो गया।

छात्र संघ संगठनों के चलते स्कूल का महौल खराब हो रहा है। बाहरी छात्रों का कॉलेज में घुसकर तोड़फोड़ करना और मारपीट करना बर्दास्त नहीं किया जाएगा। इसके लिए कोल्हान वीसी और पुलिस को लिखा जाएगा।

-सतरूपा श्रीवास्तव, एक्टिंग प्रिंसिपल, ग्रेजुएट कॉलेज, जमशेदपुर