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DEHRADUN: देहरादून: प्रमुख वन संरक्षक कार्यालय (वन्य जीव) ने बागेश्वर वन प्रभाग में सक्रिय गुलदार को आदमखोर घोषित कर दिया है. प्रमुख वन संरक्षक (वन्य जीव) व मुख्य वन्य जीव प्रतिपालक मोनिष मल्लिक ने इस संबंध में जारी आदेश में कहा है कि पहले गुलदार को पिंजरे में पकड़ने का प्रयास किया जाए लेकिन यदि ऐसा नहीं हो पाता तो गुलदार को मार दिया जाए. यह आदेश केवल एक माह तक ही प्रभावी रहेगा.

एक बच्ची को बनाया था निवाला

बागेश्वर वन प्रभाग क्षेत्र में इन दिनों एक गुलदार सक्रिय है. इस गुलदार ने कुछ समय पहले तहसील गरुड़ के ग्राम सलखन्यारी में एक छोटी बच्ची को अपना शिकार बनाया था. इसके बाद से ही ग्रामीण इस गुलदार को आदमखोर घोषित करने की मांग कर रहे थे. इस पर प्रभागीय वानाधिकारी बागेश्वर वन प्रभाग ने क्षेत्र में आक्रोश और दहशत को देखते हुए गुलदार को इंसान के लिए खतरनाक घोषित कर इसे मारने की अनुमति मांगी. वन संरक्षक उत्तरी कुमाऊं अल्मोड़ा ने भी इस गुलदार को मानव जीवन के लिए खतरनाक घोषित करने का अनुरोध किया था. इस पर अब प्रमुख वन संरक्षक ने गुलदार को आदमखोर घोषित कर दिया है. इस संबंध में जारी आदेश में कहा गया है कि गुलदार के पगमार्क घटना स्थलों से लिए जाएं और इसे पकड़ने अथवा नष्ट करने के बाद इसकी पुष्टि कर ली जाए कि पकड़ा गया अथवा मारा गया गुलदार वही है. पकड़े गए अथवा मारे गए गुलदार को किसी राजपत्रित अधिकारी की उपस्थिति में ही दूरस्थ प्राकृतवास में छोड़ने अथवा मारने की कार्यवाही की जाए.