-वरिष्ठ पत्रकार के घर पर एसटीएफ इंस्पेक्टर और गुर्गो की गुंडई

-हथियारबंद साथियों के साथ घर में घुसा, दंपति से बदसलूकी

-मामला तूल पकड़ता देख डीजीपी ने इंस्पेक्टर को किया सस्पेंड

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LUCKNOW:

'मैं एसटीएफ से रणजीत राय हूं, अब तुम किसी पुलिस वाले को, किसी दारोगा को, एसपी को, जिसको चाहो बुला लो, देखता हूं तुम्हारी औकात क्या है? ..' यह बोल हैं यूपी एसटीएफ मुख्यालय में तैनात इंस्पेक्टर रणजीत राय के. अपनी ताकत और रसूख में चूर रणजीत राय ने वरिष्ठ पत्रकार सुभाष राय के घर पर अपने हथियार बंद साथियों के साथ रविवार दोपहर हमला बोल दिया. जमकर बदसलूकी के बीच मदद को पहुंचे अन्य वरिष्ठ पत्रकारों को भी उसने धमकाया. करीब आधे घंटे तक गुंडई करने के बाद आरोपी इंस्पेक्टर साथियों समेत वहां से चला गया. सोमवार को घटना की जानकारी मिलने पर जब पत्रकार आंदोलित हुए तो आखिरकार डीजीपी ने आरोपी इंस्पेक्टर को सस्पेंड कर दिया. हालांकि, खबर लिखे जाने तक पीडि़त सुभाष राय की तहरीर पर एफआईआर दर्ज नहीं हो सकी थी.

पड़ोसी ने ढेर करा दी थी मौरंग

सुभाष राय के मुताबिक, वे अपनी पत्‍‌नी के साथ बीती एक जून को शहर से बाहर गए थे. जब आठ जून को रात दो बजे वापस लौटे तो उन्होंने देखा कि उनके घर के ठीक सामने किसी ने कई ट्रक मौरंग गिरवा दी है. सुबह पड़ताल करने पर पता चला कि वह मौरंग पड़ोस में मकान बनवा रहे राकेश तिवारी ने गिरवाई है. इस पर सुभाष ने राकेश तिवारी से कहा कि वे इतनी मौरंग हटवादें जिससे उनकी कार निकल सके. राकेश उस वक्त मौरंग हटवाने को तैयार हो गया. जब अगले दिन भी मौरंग न हटी तो सुभाष राय की पत्‍‌नी राकेश तिवारी के घर पहुंची. इस बार राकेश और उनकी पत्‍‌नी दोनों ने जल्द मौरंग हटवाने की बात कही. शाम तक फिर मौरंग नहीं हटी. फिर से टोके जाने पर राकेश तिवारी भड़क उठा और सुभाष राय से उसने कहा कि वे जो चाहें कर लें, अब मौरंग तो नहीं हटेगी.

बुला लिया रणजीत राय को

मसले का कोई हल न निकलता देख सुभाष राय ने पुलिस कंट्रोल रूम को कॉल कर इसकी शिकायत की. यह देख राकेश तिवारी ने फोन कर रणजीत राय और उसके साथियों को बुला लिया. पुलिस आती इससे पहले रणजीत राय व उसके एक दर्जन हथियारबंद साथी वहां आ पहुंचे. सुभाष राय ने उन्हें देख अपना गेट बंद कर लिया लेकिन, वे बाउंड्री वॉल फांद कर भीतर पहुंचे और उनसे बदसलूकी करने लगे. इस दौरान रणजीत राय और उसके हथियारबंद साथियों ने कई बार सुभाष राय को मारने के लिये हाथ बढ़ाया. इंस्पेक्टर राय की गुंडई देख दहशत में आई सुभाष राय की पत्‍‌नी ने उन्हें पीछे घसीटने की कोशिश की तो हमलावर उनसे भी बदसलूकी करने लगे. मदद को पहुंचे पत्रकारों को भी रणजीत राय ने धमकाया. आधे घंटे तक गुंडई करने के बाद वह धमकी देते हुए वहां से चला गया.

अधिकारियों ने की मामला दबाने की कोशिश

इंस्पेक्टर रणजीत राय की करतूत से आहत सुभाष राय ने सोमवार को फेसबुक पर पूरी घटना और आरोपी रणजीत की फोटो पोस्ट की. जिसके बाद हंगामा शुरू हो गया. नाराज पत्रकारों ने अधिकारियों से कार्रवाई की मांग की. नाराजगी बढ़ती देख डीआईजी लॉ एंड ऑर्डर प्रवीण कुमार त्रिपाठी ने जानकारी दी कि इंस्पेक्टर रणजीत राय को तत्काल प्रभाव से एसटीएफ से रिलीव कर दिया गया है और उसके खिलाफ जांच का आदेश दिया गया है. हालांकि, कुछ देर बाद पता चला कि इंस्पेक्टर राय पहले से ही अंडर ट्रांसफर है और उसे रिलीव कर अधिकारियों ने खानापूरी की है. पुलिस अधिकारियों द्वारा मामला दबाने की कोशिश करता देख इसकी शिकायत प्रमुख सचिव गृह अरविंद कुमार से की गई. जिनके दखल के बाद आखिरकार डीजीपी ओपी सिंह ने आरोपी इंस्पेक्टर रणजीत राय को सस्पेंड कर दिया.