- आईएएस वीक में एजीएम के दौरान उठा मुद्दा, निर्णय लेने पर संशय

- सीएम की नसीहत के बाद जूनियर्स का मेंटर बनने की होगी शुरुआत

- सेवा से जुड़ी कई अन्य समस्याओं को लेकर आईएएस ने किया मंथन

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LUCKNOW:

सूबे के आईएएस अफसरों को एंटी करप्शन ए1ट की एक धारा सता रही है. यही वजह है कि अन्य राज्यों की तरह यूपी के आईएएस अफसर 5ाी प्रिवेंशन ऑफ करप्शन ए1ट में संशोधन चाहते हैं. आईएएस वीक के दूसरे दिन एनुअल जनरल मीटिंग (एजीएम) में आए स5ाी अफसर इस पर एकमत नजर आए. उन्होंने पीसी ए1ट की धारा 13 (1) (डी) में बदलाव की वकालत की ताकि सरकारी कामकाज करने में किसी तरह की परेशानी न हो. तय हुआ इसमें संशोधन को लेकर पूर्व से जारी प्रक्रिया के तहत गठित समिति के सामने यूपी के आईएएस अफसर 5ाी अपना मत र2ोंगे.

फाइलों पर साइन करना मुश्किल

दरअसल प्रिवेंशन ऑफ करप्शन ए1ट की धारा 13 (1) (डी) में प्राविधान है कि अगर कोई अधिकारी किसी फाइल पर साइन करता है और इससे किसी को लाभ मिलता है तो उसे 5ाी जांच के दायरे में र2ा जाएगा. जांच के दौरान उसमें अधिकारी को भी दोषी माना जाएगा. एजीएम में मौजूद सारे अधिकारियों ने इस पर अपनी राय रखी. उनका कहना था कि इससे अधिकारियों की निर्णय लेने की क्षमता प्रभावित होगी. सदस्यों का तर्क था कि आईएएस अफसर राज्य के हित में काम करते हैं. ज्यादातर फैसले ऐसे होते हैं कि उससे किसी न किसी को तो फायदा 5ाी पहुंचता है. ऐसे में इस तरह के कानून से कोई भी अधिकारी निर्णय लेने से बचेगा. इसका असर विकास कार्यो पर पड़ेगा. माना जा रहा है कि अफसरों की इस समस्या को दे2ाते हुए केंद्र सरकार 5ाी इसमें संशोधन करना चाहती है. इसके लिए कवायद 5ाी चल रही है.

मेंटर बनेंगे सीनियर अफसर

आईएएस वीक के पहले दिन सीएम योगी आदित्यनाथ द्वारा प्रशासनिक अधिकारियों के स6मेलन में सीनियर अफसरों को जूनियर्स का मेंटर बनने का मशवरा देने के बाद इसकी कवायद 5ाी शुरू हो गयी है. एजीएम में तय हुआ कि सीनियर अफसर अपने जूनियर्स के मेंटर बनेंगे ताकि उन्हें अपने अनु5ावों के बारे में बता सकें. इसके अलावा अफसरों की बेस्ट प्रै1िटसेस और स1सेस स्टोरीज को प्रकाशित करने का निर्णय 5ाी हुआ. इसे एसोसिएशन की वेबसाइट पर भी अपलोड किया जाएगा ताकि बढि़या काम करने वालों को प्रोत्साहन मिले और बाकी अफसर इससे प्रेरणा लें. एजीएम में सीनियर अफसरों को उनके पद के मुताबिक बड़े मकान देने की मांग 5ाी उठी. साथ ही आईएएस संवर्ग की सेवा संबंधी कई समस्याओं पर 5ाी गहन मंथन किया गया. इसके अलावा रिटायर्ड आईएएस की गाड़ी सचिवालय परिसर में आ सके, इसके लिए उन्हें वाहन पास दिए जाने की व्यवस्था किए जाने की मांग भी उठी. एसोसिएशन ने 5ाी इस पर सहमति जताई.

बा1स

जिलों में जाएं अफसर

एजीएम को संबोधित करते हुए मु2य सचिव राजीव कुमार ने कहा कि शासन में तैनात अफसरों को जिलों में जाकर सरकारी योजनाओं की जमीनी वास्तविकता का पता लगाना चाहिए. इसके लिए टे1नोलॉजी की मदद 5ाी ली जाए ताकि शासन को सही फीडबैक मिलता रहे. वहीं एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रवीर कुमार ने आईएएस अफसरों को सभी संवर्गो के साथ तालमेल बनाकर काम करने की नसीहत दी. उन्होंने कहा कि सुधार में सबकी अहम भूमिका होती है. सुधार कैसे हों, इस पर सभी को मिलजुल कर काम करना चाहिए.

प्रवीर फिर बने अध्यक्ष

एसोसिएशन की एजीएम में नई कार्यकारिणी का गठन 5ाी हुआ जिसमें राजस्व परिषद के अध्यक्ष प्रवीर कुमार को दोबारा अध्यक्ष चुना गया. इसके अलावा आलोक कुमार को सचिव, पकंज कुमार को कोषाध्यक्ष, राजेश कुमार, अ2िालेश कुमार मिश्रा और विजय किरन आनंद संयुक्त सचिव चुने गये.

बॉ1स

राजभवन के डिनर में सिर्फ वेजीटेरियन डिश

मु2यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आगमन को देखते हुए आईएएस वीक में शुक्रवार रात राज्यपाल राम नाईक की ओर से दिए गए डिनर में अफसरों को सिर्फ शाकाहारी भोजन ही संतोष करना पड़ा. यह पहला अवसर था जबकि आइएएस वीक में राजभवन का रात्रिभोज लखनऊ के लजीज नॉनवेज व्यंजन के बिना दिया गया. इससे पहले अखिलेश शासन के आईएएस वीक में राजभवन में शाकाहारी-मांसाहारी दोनों तरह के व्यंजन तैयार कराए गए थे. अधिकारियों के अनुसार यह पहला मौका था जब आईएएस वीक समारोह में फिश, मटन और चिकन को मेन्यू में जगह नहीं मिली. इनकी जगह शाही को3ता, दाल मखानी, पनीर टि1का, फ्राइड राइस, हांडी पनीर, गुलाब जामुन और गाजर का हलवा जैसे आइटम को शामिल किया गया.