मिलावट की सही शिकायत पर शिकायतकर्ता को मिलेंगे पांच हजार रूपये

मिलावटखोरों को पकड़ने के लिए उत्तर प्रदेश खाद्य विभाग ने शुरू की योजना

Meerut. खाद्य पदार्थो व दवाइयों से मिलावट का रंग उतारने के लिए फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन, उत्तर प्रदेश ने नई पहल की है. इसके मद्देनजर मिलावटी खाद्य पदार्थ, सब स्टैंडर्ड व फेक ड्रग्स बनाने वालों की सही शिकायत पर शिकायतकर्ता को प्रदेश स्तर पर कैश रिवार्ड दिया जाएगा. इसके अलावा विभाग ने शुद्धता योजना के तहत लोगों के लिए मिलावटी चीजों के प्रयोग से बचाव के लिए एडवाइजरी भी जारी की है. चीफ फूड सेफ्टी ऑफिसर सर्वेश मिश्रा ने बताया कि किसी व्यक्ति की ओर से मैन्यूफैक्चर के खिलाफ शिकायत सही मिलती हैं तो विभाग की ओर से उस व्यक्ति को कैश रिवार्ड देने के लिए शासन को अनुशंसा भेजी जाएगी.

मैन्यूफैक्चर्स पर होगी कारवाई

सीधे मैन्यूफैक्चर्स पर शिकंजा कसने के लिए यूपी खाद्य विभाग ने शुद्धता योजना लागू की है. इसके तहत फलों व सब्जियों को गलत तरीके से पकाने, खाद्य पदार्र्थो में उत्पादनकर्ता, विक्रेता की ओर से होने वाली बड़ी मिलावट, फेक व सब स्टैंडर्ड दवाइयां बनाने वाले लोगों के खिलाफ इस मुहिम को चलाया जा रहा है. आम जनमानस का सहयोग मिले व सही सूचनाएं विभाग को मिले इसलिए कैश रिवार्ड का प्रावधान भी किया गया है.

ऐसे मिलेगा रिवार्ड

शिकायत के आधार पर संबंधित मैन्यूफैक्चरिंग यूनिट पर विभाग की ओर से छापेमारी की जाएगी. सैंपलों की जांच होगी. संबंधित मैन्यूफैक्चर दोषी पाया जाता है तो खाद्य विभाग उत्तर प्रदेश शासन को रिवार्ड देने के लिए लिखेगा. जिसके बाद शिकायतकर्ता को 5 हजार रूपये रिवार्ड के तौर पर दिए जाएंगे. रिवार्ड की सूचना विभाग की ओर से शिकायतकर्ता को दी जाएगी.

यहां कर सकते हैं शिकायत

जिलाधिकारी, सिटी मजिस्ट्रेट, सब डिविजनल मजिस्ट्रेट से इस संबंध में सीधी शिकायत की जा सकती है.

फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन के अधिकारियों को इस संबंध में लिखित या आईजीआरएस पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत की जा सकती है.

यूपीएफडीए की वेबसाइट एफडीए.यूपी.एनआईसी.आईएन पर शिकायत दर्ज करवाई जा सकती है.