-300 गज वाले मकानों में लगाना होगा वॉटर हावेस्टिंग सिस्टम

-136 लीटर पानी एक व्यक्ति डेली करता है यूज

-2.5 से 3 मीटर होता है सामान्य वॉटर लेवल

-200 से 250 फुट पर लगाए जा रहे सबमर्सिबल

- हाईकोर्ट के आदेश के बाद भू-गर्भ जल विभाग ने बीडीए को जारी किया आदेश

- सरकारी विभागों में खस्ताहाल पड़े हैं वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम

BAREILLY : अगर आप 300 गज में मकान बनवाने जा रहे हैं तो यह खबर आपके लिए ही है। अब 300 गज में मकान बनवाने वाले लोगों को वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम भी बनाना होगा। बिना वॉटर हार्वेस्टिंग वाले नक्शों को बीडीए अप्रूव नहीं करेगा। भू-गर्भ जल विभाग ने बीडीए को नोटिस जारी कर आदेश दिया है कि वह उन्हीं मकानों को अप्रूवल दे जिनके मैप में वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम शामिल हो। वहीं हाल ही में हाईकोर्ट ने गिरते वॉटर लेवल को कंट्रोल करने के लिए 300 गज वाले सभी मकानों में अनिवार्य रूप से वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाने का आदेश दिया है।

544 ली। पानी यूज करते डेली
मान लीजिए एक चार लोगों का परिवार है। जल निगम के आंकड़ों के अनुसार रोजाना शहर में एक व्यक्ति 136 लीटर पानी का उपयोग करता है इस हिसाब से एक परिवार रोजाना 544 लीटर पानी यूज करता है। साथ ही गाड़ी धुलाई के सेंटर्स पर भी रोजाना हजारों लीटर पानी बर्बाद किया जाता है।

यह होंगे फायदे
अगर हर एक घर में वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम होगा तो वॉटर लेवल में कमी काफी हद तक सुधार आएगा। बारिश के पानी को भूगर्भ में पहुंचाने की प्रक्रिया रैन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम करता है। बारिश के दौरान गिरने वाले पानी को स्टोर किया जाता है और यह पानी धीरे-धीरे जमीन में समा जाता है, जिससे वॉटर लेवल बढ़ता है।

इतना वॉटर लेवल हुआ डाउन
सामान्य वॉटर लेवल 2.5 से 3 फीसदी होता है। पिछले एक साल में ही करीब 2 से 3 मीटर की वॉटर लेवल में कमी आई है। सबमर्सिबल की वजह से ही लगातार वॉटर लेवल कम हो रहा है। जो सबमर्सिबल आज से 5 साल पहले 100 फिट 150 फिट पर लग रहे थे वही अब 200 से 250 फिट पर लगाए जा रहे हैं.शासन की ओर से सख्ती न होने के कारण ही आज लगभग हर घर में सबमर्सिबल लगा हुआ है।

सरकारी विभाग भी जिम्मेदार

शासन की ओर से सबसे पहले सरकारी विभागों में ही रैन वॉटर हार्वेस्टिंग लगाने का आदेश जारी किया था। विकास भवन, बीडीए और कमिश्नर कार्यालय में रैन वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम तो बनवाए, लेकिन देखरेख के अभाव चलते वह अब बेकार पड़े हुए हैं। वहीं सरकारी विभागों ने पब्लिक को भी अवेयर नहीं किया।

ग्राउंड वॉटर एक्ट लागू करने की मांग

भू-गर्भ जल विभाग ने शासन से साल 2013 और 2017 में ग्राउंड वॉटर एक्ट लगाने की मांग की थी, लेकिन इसको अभी तक लागू नहीं किया गया है। वहीं विभागीय अधिकारियों का कहना है कि एक बार फिर से शासन से एक्ट लागू करने की मांग की है। जिससे वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम न लगाने वालों पर कार्रवाई की जा सके।

वर्जन -

हाल ही में हाईकोर्ट ने 300 गज के मकानों में रैन वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगवाने का आदेश जारी किया है। सरकारी विभागों में भी रैन वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम नहीं लगे हैं। बीडीए को नोटिस जारी कर दिया गया है।

-डीएस राठौर, सीनियर हाईड्रियोलॉजिस्ट।