अन्ना युनिवर्सिटी
दरअसल, यूएस सिटीजनशिप और इमीग्रेशन सर्विसेज की एक रिपोर्ट के मुताबिक चेन्नई में स्थित अन्ना यूनिवर्सिटी से पढ़कर निकलने वाले सबसे ज्यादा यानी 850 छात्रों को एच-1बी वीजा मिला। यह अन्य भारतीय शिक्षण संस्थानों के मुकाबले सर्वाधिक है।

जवाहरलाल नेहरु टेक्निकल यूनिवर्सिटी

इसके बाद दिल्ली स्थित जवाहरलाल नेहरु टेक्निकल यूनिवर्सिटी भी उस लिस्ट में शामिल है, जिसके स्टूडेंट्स को पिछले साल सबसे अधिक एच 1बी वीजा मिला। इस यूनिवर्सिटी के 747 छात्रों यह वीजा मिला।

विश्वेश्वरैया टेक्निकल यूनिवर्सिटी
कर्नाटका में स्थित विस्वेस्वर्य टेक्निकल यूनिवर्सिटी से पढ़कर निकलने वाले 391 छात्रों को पिछले साल अमेरिका में एच1 बी वीजा मिला है। कहा जाता है कि यह यूनिवर्सिटी भारत में पढ़ाई के मामले में भी चुनिंदा कॉलेजों में से एक है।

यूनिवर्सिटी ऑफ मद्रास
इसके बाद अमेरिका में सबसे अधिक एच-1बी वीजा प्राप्त करने वाले छात्रों की सूची में यूनिवर्सिटी ऑफ मद्रास का नाम भी शामिल है। इस यूनिवर्सिटी से पढ़कर निकलने वाले 298 स्टूडेंट्स को पिछले साल यह वीजा मिला है।

पुणे यूनिवर्सिटी
पुणे यूनिवर्सिटी भी ऐसे यूनिवर्सिटी में शामिल है, जिनके सबसे ज्यादा छात्रों को अमेरिका में पिछले साल एच1 बी वीजा मिला है। इस यूनिवर्सिटी से पढ़कर निकलने वाले 225 छात्रों को यह वीजा मिला।

ओसमानिया यूनिवर्सिटी
हैदराबाद स्थित ओसमानिया यूनिवर्सिटी से पढ़कर निकलने वाले 223 छात्रों को एच1 बी इशू किया गया। यह यूनिवर्सिटी भी भारत के नामी यूनिवर्सिटी में एक है।

यूनिवर्सिटी ऑफ मुंबई
यूनिवर्सिटी ऑफ मुंबई भारत के टॉप यूनिवर्सिटी में शामिल है। इसके 219 छात्रों को अमेरिका में पिछले साल एच1 बी वीजा मिला।

उत्तर प्रदेश टेक्निकल यूनिवर्सिटी
उत्तर प्रदेश टेक्निकल यूनिवर्सिटी के छात्र भी पिछले साल एच1 बी प्राप्त करने में पीछे नहीं रहे। इस यूनिवर्सिटी से पढ़कर निकलने वाले 156 छात्रों को अमेरिका में यह वीजा मिला।

आंध्रा यूनिवर्सिटी  
विशाखापटनम में स्थित आंध्रा यूनिवर्सिटी से पढ़कर निकलने वाले 153 छात्रों को अमेरिका में एच 1बी इशू किया गया।

आचार्य नागार्जुन यूनिवर्सिटी
आंध्र प्रदेश के गुंटूर स्थित आचार्य नागार्जुन यूनिवर्सिटी की बात करें तो इस यूनिवर्सिटी से पढ़कर निकलने वाले 138 स्टूडेंट्स को पिछले साल अमेरिका में एच1 बी मिला।

Data source

National News inextlive from India News Desk