रेड लाइट जोन बनने की कगार पर फरार रोड

हर युवती, महिला को गलत समझ ले रहे लोग

द्दह्रक्त्रन्य॥क्कक्त्र:

स्थान: रेलवे स्टेशन का फरार रोड

समय: रात करीब 12 बजकर 45 मिनट

''देखो तुम्हारे पास पैसा हो तो बात करों. नहीं तो आगे जाओ. हम लोगों के पास टाइम नहीं है. एक हजार दो तो साथ चलूं, नहीं तो हम लोगों को आगे जाने दो. यह कहते हुए दोनों युवतियां फरार रोड बस डिपो की तरफ बढ़ने लगी. उनके पीछे-पीछे चल रहे बाइक सवार युवक पैसा करने की मनुहार करते रहे. पुराना कोल्ड स्टोरेज के पास युवतियां पहुंची तो चाय की दुकानों पर लोगों की भीड़ नजर आई. हद दर्जे की बेशर्मी, न तो युवतियों को किसी बात की चिंता थी. न ही बाइक युवकों को कोई शर्म-लिहाज. वो लगातार किसी तरह से सौदा पटाने के लिए रेट तोड़ने पर जुटे थे. उनको लग रहा था कि बात बन जाएगी. बातचीत का सिलसिला चल रहा था. तभी सड़क की दूसरी तरफ एक बाइक सवार दो सिपाही गुजरे. उनको देखकर सौदा पटा रहे युवक तेजी से आगे बढ़ गए. जबकि युवतियों ने पूरा मूवमेंट चेंज कर लिया. पुलिस वालों की बाइक गुजरते ही फिर से सौदेबाजी शुरू हो गई. बाइक सवार दोनों युवक चाय की दुकान पर पहुंच गए. एक ने चाय का आर्डर दिया तो दूसरा फिर से लड़कियों की तरफ लपक पड़ा.'' यह किसी फिल्म की स्क्रिप्ट नहीं बल्कि रेलवे स्टेशन रोड पर रोज रात गहराने के बाद शुरू होने वाली कहानी है. जहां रात 10 बजे के बाद धंधेबाज महिलाओं का जमावड़ा होने लगा है. युवतियों, महिलाओं और महिलाओं की तरफ कपड़े पहनकर घूमने वालों की सक्रियता से आम राहगीरों के लिए मुश्किल बढ़ती जा रही है.

झांसे में लेकर बनाती लूटपाट का शिकार

स्टेशन पर रोड गलत कामों के लिए घूमने वाली महिलाएं, युवतियां और किन्नर लोगों को अपने झांसे में लेकर लूटपाट का शिकार बनाते हैं. ट्रेन और बस से लौटने वाले पैंसेजर्स को लूटने की शिकायतों पर पहले कार्रवाई हो चुकी है. शिकायत सामने आने पर पूर्व एसएसपी सत्यार्थ अनिरुद्ध पंकज अभियान चलाकर कार्रवाई का निर्देश दिया था. तब पुलिस ने स्टेशन रोड पर रात में बेवजह घूमने वाली रिक्शा सवार महिलाओं, युवतियों और किन्नरों को खदेड़ दिया था. लेकिन धीरे-धीरे फिर सक्रिय है.

वन विभाग कॉलोनी में जमकर काटा बवाल

स्टेशन रोड पर घूमने वाली युवती ने वन विभाग कॉलोनी में जमकर बवाल काटा था. एक हफ्ते पूर्व दो युवक स्टेशन रोड से एक युवती को अपने साथ लेकर वन विभाग कॉलोनी में पहुंचे. रात में उसे वहीं अकेली छोड़कर चले गए. किसी तरह से पैदल लौटकर युवती स्टेशन रोड पर पहुंची. दूसरे दिन अल-सुबह वह कॉलोनी में पहुंच गई. उसने कॉलोनी में हंगामा शुरू कर दिया. युवती का आरोप था कि उसे कॉलोनी में ले आने वाले युवक बिना रुपए दिए भाग गए. उनकी हरकत से परेशान कालोनी के लोगों ने पुलिस को सूचना दी. महिला कांस्टेबल ने किसी तरह से मामला शांत कराया.

कैब-वे गेट से लेकर बस स्टेशन तक प्रॉब्लम

रेलवे स्टेशन रोड पर धर्मशाला पेट्रोल पंप, कैब-वे गेट से लेकर रोडवेज बस स्टेशन, कार्मल रोड, पुराना पार्सल घर होते हुए रेल म्यूजियम तक इस तरह की महिलाओं, युवतियों को देर रात में घूमते हुए देखा जा सकता है. कैब-वे गेट के पास महिलाओं की तरह दिखने वाले दो स्कूटी सवार छह-सात लोगों का जमावड़ा लगा रहता है. जबकि, पुराना सेकेंड क्लास गेट के सामने रिक्शा पर सवार महिलाएं राहगीरों को इशारा करके बुलाती रहती हैं. इसके अलावा महाराणा प्रताप की प्रतिमा से लेकर फरार रोड पर बस स्टेशन तक और पुराना पार्सल घर तक चहलकदमी दिखती है. इस तरह की महिलाओं और युवतियों की सक्रियता की वजह से उधर से गुजरने वाली महिला यात्रियों को शर्मसार होना पड़ता है. इस तरह की महिलाओं की सक्रियता से स्टेशन रेड लाइन जोन बनने की कगार पर पहुंच गया है.

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