- वर्षो से चला आ रहा है आरटीओ में दलालों का कब्जा

- पुलिस और प्रशासन की तमाम कोशिशें रह गईं बेकार

GORAKHPUR: डेढ़ साल से जारी तमाम कवायदों के बावजूद गोरखपुर आरटीओ दलालों से आजाद नहीं हो सका है. आलम ये कि शासन के निर्देश के बाद भी दलालों को यहां से हटाने में पुलिस व प्रशासन पूरी तरह नाकाम साबित हुआ है. ये हम नहीं कह रहे बल्कि डीएल एग्जाम आदि व्यवस्थाओं के ऑनलाइन होने के बावजूद लगातार आ रहीं अवैध वसूली की शिकायतें बोल रही हैं. मंगलवार को हुए एक वाकये ने इसकी तस्दीक भी कर दी. एक डीएल अप्लीकेंट ने आरटीओ ऑफिस में इसलिए बवाल खड़ा कर दिया कि सिर्फ फॉर्म भरने के नाम पर दलाल ने उससे 750 रुपए वसूल लिए थे.

पैसे लेकर भी भरवा दिया गलत फॉर्म

गुलरिहा के सेमरा गांव के रहने वाले करीम खान मंगलवार सुबह आरटीओ ऑफिस में लर्निग डीएल के लिए टेस्ट देने पहुंचे थे. लेकिन आरटीओ बाबुओं ने उन्हें टेस्ट में बैठाने से मना कर दिया क्योंकि उनके फॉर्म पर लिखी डेट ऑफ बर्थ डॉक्युमेंट्स से मैच नहीं कर रही थी. बाबुओं ने करीम से कहा कि पहले जाकर अपनी डेट ऑफ बर्थ ठीक करा लो फिर एग्जाम देना. करीम का आरोप है कि इसके बाद जब वे फॉर्म भरने वाले दलाल के पास पहुंचे तो उसने फॉर्म ठीक कराने से मना कर दिया. इसी बात को लेकर करीम ने आरटीओ ऑफिस में खूब हंगामा भी किया. करीम के मुताबिक दलाल ने उनसे फॉर्म भरने के 750 रुपए लिए हैं.

प्रशासन की कोशिशें भी रहीं हैं बेकार

वहीं, बीते दिनों शासन ने निर्देश दिया था कि आरटीओ परिसर को दलालों से पूरी तरह से मुक्त कराया जाए. शासन के इस निर्देश पर परिसर से कब्जा हटवाने पुलिस व प्रशासन के अधिकारी पहुंचे तो कई बार, लेकिन नतीजा सिफर रहा. हालत यह है कि डेढ़ साल बीत जाने के बाद भी यहां आरटीओ परिसर को दलालों के कब्जे से मुक्त करा पाना तो दूर, बल्कि पहले की अपेक्षा दलाली और बढ़ गई है.

मची है खुली लूट

डीएल के ऑनलाइन टेस्ट शुरू होने से दलालों की दुकानों पर तो जरूर असर पड़ा है. अब ऐसे में जब उन्हें डीएल बनवाने में कोई सफलता नहीं मिल रही है तो फॉर्म आदि भरने के नाम पर ही लोगों को खुलेआम लूट रहे हैं. इतना ही नहीं, सूत्रों की मानें तो इन लोगों ने तो एग्जाम में पास तक कराने की गारंटी देकर भी मोटी कमाई शुरू कर दी है. अब ऐसे में अगर कोई अप्लीकेंट खुद एग्जाम देकर पास हो जा रहा है तो ठीक वरना बाकी अप्लीकेंट फेल होने के बाद आरटीओ में बवाल काट रहे हैं.

वर्जन

आरटीओ ऑफिस के बाहर अगर कोई दलाली कर अप्लीकेंट से पैसे वसूलता है तो उसपर आरटीओ अंकुश नहीं लगा सकता. इसके लिए पुलिस व प्रशासन से कई बार शिकायत की जा चुकी है. बावजूद इसके यहां दलालों का कब्जा जारी है. कार्यालय का कोई कर्मचारी अगर घूस मांगता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.

- डीडी मिश्रा, आरटीओ एनफोर्समेंट