-ठुठीबारी के रास्ते नेपाल में खपाई जा रही नशीली दवाएं

-दवाओं की लाखों रुपए में बिक्री का धंधा जोरों पर

GORAKHPUR: जिले में नशीली दवाओं का कारोबार पूरी तरह से अपना पांव फैला चुका है। नेटवर्क नेपाल में है और तस्करी इंडिया से हो रही है। इन दवाओं का कारोबार भारतीय सीमा को पारकर नेपाल तक पहुंच चुका है। नेपाल में नशे के दवाइयों तथा इंजेक्शन की भारी खपत को देखते हुए एक बड़ा रैकेट इसकी तस्करी में जुटा है। जीवन रक्षक औषधियों की बहाने नेपाल में नशीली दवाइयां पहुंच रही हैं।

नशीली दवाओं का धंधा जोरों पर

नेपाल में नशीली दवाओं की बिक्री वाया इंडिया हो रही है। महराजगंज के ठुठीबारी के रास्ते नशीली दवाओं की खेप कैरियर के माध्यम से नेपाल में खपा दी जा रही है। हजारों रुपए की दवाओं की लाखों रुपए में बिक्री से यह धंधा तेजी से बढ़ रहा है। गुरुवार को महराजगंज के ठुठीबारी सीमा पर तैनात एसएसबी के जवानों ने डायजापाम इंजेक्शन, नूफेन इंजेक्शन, प्रोमेथाजिन इंजेक्शन समेत कई दवाएं बरामद की थी। इन दवाओं की खुले बाजार में बिक्री पर प्रतिबंध है। नारकोटिक्स ग्रुप की इन दवाओं को डॉक्टर के पर्चे पर नर्सिग होम और अस्पतालों में ही दिया जाता है। यहां भी इन दवाओं का पूरा रिकार्ड रखा जाता है।

वर्जन-

ठुठीबारी के गड़ौरा बाजार निवासी मंटू पासवान के पास से नशीली दवाओं की खेप मिली है। पता चला है कि इलाके के एक मेडिकल स्टोर से उसने दवाएं ली हैं। बयान के आधार पर जांच की जा रही है। नशीली दवाएं कहां से मंगाई जा रही हैं, इसके बारे में पता किया जा रहा है।

संदीप कुमार, ड्रग इंस्पेक्टर