आगरा. जिले में आबकारी विभाग की मिलीभगत से दूसरे प्रदेश और नकली शराब का कारोबार खूब फलफूल रहा है. शिकायतों के बाद भी अधिकारी कोई कार्रवाई नहीं करते हैं. बीती रात न्यू आगरा के ब्रज बिहार क्षेत्र में नकली शराब की फैक्ट्री पकड़े जाने पर विभाग को कार्रवाई की याद आयी है. बुधवार को आबकारी विभाग की टीमों ने शहर-देहात में दर्जनों स्थानों पर छापेमारी की.

दौड़ी जिला आबकारी टीमें

बुधवार को नकली शराब की फैक्ट्री पकड़े जाने पर जिला आबकारी विभाग ने टीमें गठित कर शहर-देहात में दौड़ा दीं. इस दौरान टीमों ने अलग-अलग क्षेत्रों में शराब की दुकानों को खंगाला. इस बारे में जिला आबकारी अधिकारी नरेश पालिया ने बताया कि दुकानों पर यह देखा जा रहा है, कहीं नकली शराब की खेप तो नहीं आ रही है.

शिकायतों पर होगी छापेमारी

जिला आबकारी अधिकारी के अनुसार कुछ स्थानों से शिकायत प्राप्त हुई हैं. उनको हम अभी डिसक्लोज नहीं कर सकते हैं. ऐसे सभी स्थानों पर छापेमार कार्रवाई की जाएगी. मालूम हो कि जिले में ऐसे कई स्थान हैं, जहां नकली अवैध शराब बनाई जाती है. बड़ी मात्रा में यहां से अवैध शराब की सप्लाई की जाती है. आपको बता दें कि गत वर्ष नगला रामबल में नकली शराब पकड़ी गई थी. खंदौली में जहरीली शराब पीने से पांच लोगों की मौत हो गई थी. एत्माद्दौला क्षेत्र में भी दो लोगों की मौत हो गई थी. इसके अलावा कागारौल और मलपुरा क्षेत्र में भी अवैध शराब बनाने के कई ठिकाने हैं.

अभी तक ईजाद नहीं हो पाया जीपीएस सिस्टम

आबकारी विभाग का अभी तक जीपीएस सिस्टम ईजाद नहीं हो पाया है. ग्लोबल पॉजीशनिंग सिस्टम को ईजाद किया जाना था. शराब की तस्करी को रोकने के लिए होलोग्राम व्यवस्था को खत्म कर इसके स्थान पर ट्रेकिंग-ट्रेसिंग सिस्टम लागू किया जाना था. सिस्टम के अनुसार शराब की खेप जारी की जाएगी, तो उसमें एक बैच नम्बर जारी किया जाएगा. उसे जीपीएस से कनेक्ट कर ट्रेस किया जाएगा. इससे उसकी लोकेशन ट्रेस हो सकेगी.

कुछ स्थानों से शिकायत प्राप्त हुई हैं. उनको हम अभी डिसक्लोज नहीं कर सकते हैं. ऐसे सभी स्थानों पर छापेमार कार्रवाई की जाएगी.

नरेश पालिया, जिला आबकारी अधिकारी