न अभियान शुरू हुआ न अवैध आरओ प्लांट ओनर्स पर कोई असर

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ALLAHABAD: नगर निगम के पूरे सदन का फैसला था. पार्षदों की रिकॉर्ड संख्या में मौजूदगी थी. प्राब्लम हर वार्ड के लोग फेस कर रहे हैं. इसके बाद भी संकल्प पास करके नगर निगम भूल गया कि इसके आगे भी कार्रवाई की जानी है. यह संकल्प था शहर में अवैध रूप से चल रहे अवैध आरओ प्लांट पर ताला लगाने का. 14 जून को यह फैसला हुआ था और तय किया गया था कि इसे तत्काल अमल में लाया जाएगा. दैनिक जागरण-आई नेक्स्ट रिपोर्टर ने स्टिंग किया तो पता चला कि 'संकल्प' का हश्र फिलहाल, वादे हैं वादों का क्या..जैसा ही है.

स्पॉट-1

शिवकुटी मेला रोड

दोपहर 1 बजे

मेला रोड पर गंगादर्शन मार्केट के पास सड़क किनारे स्थित एक घर में आरओ प्लांट का कैंपर और जार रखा हुआ दिखाई दिया. थोड़ा पास जाकर देखा तो एक कमरे से पाइप लाइन बाहर निकली थी, जिससे कैंपर में पानी भर कर एक बाइक पर रखने के साथ ही छोटा हाथी में भरा जा रहा था.

स्पॉट-2

शिवकुटी बीबीएस स्कूल के पास

दोपहर 01.30 बजे

मेला रोड पर आरओ प्लांट का कारोबार चलता हुआ मिलने पर रिपोर्टर बीबीएस स्कूल के पास पहुंचा. स्कूल के पास एक आवास में आरओ प्लांट चल रहा था. यहां बड़ी सी टंकी में पानी भरा था और उस पानी को कैंपर में भरा जा रहा था.

स्पॉट-3

हीरा हलवाई चौराहा

11 बजे

यहां एक टेम्पो दिखाई दिया जो चारों तरफ से पैक था. टेम्पो में सवार एक युवक ने गेट खोला तो उसमें आरओ प्लांट का कैंपर भरा हुआ दिखाई दिया. युवक बड़ी सतर्कता से कैंपर सप्लाई कर रहा था.

फर्जी रसीदों पर हो रही बिक्री

आरओ प्लांट द्वारा फर्जी रसीद के जरिए पानी को बेचा जा रहा है, जिससे सरकार को राजस्व का चूना लग रहा है. नाम न छापने की शर्त पर एक आरओ प्लांट में काम करने वाले कर्मी ने बताया कि रोजाना आरओ प्लांट से 500 से 1000 जार और कैंपर सप्लाई किया जाता है. प्रति जार 30 से 35 रुपए लिए जाते हैं. इस हिसाब से 22 से 30 हजार रुपए प्रति दिन का कारोबार होता है. लेकिन, एक रुपए का भी जीएसटी नहीं दिया जाता.

शिवकुटी के पार्षद ने उठाया था मुद्दा

नगर निगम सदन में बजट पर चर्चा के दौरान शिवकुटी वार्ड के पार्षद कमलेश तिवारी ने पेयजल आपूर्ति का समस्या उठाया था. उन्होंने कहा था कि उनके वार्ड में करीब 27 अवैध आरओ प्लांट चल रहे हैं, जो जलकल के पाइप लाइन का पानी खींच लेते हैं. जिसकी वजह से शिवकुटी एरिया में पानी की समस्या बनी हुई है. जिस पर मेयर ने संकल्प पारित कराते हुए शहर के सभी आरओ प्लांट को तत्काल बंद कराने का आदेश दिया था.

शहर में अवैध तरीके से चल रहे आरओ प्लांट बंद करने और कॉमर्शियल टैक्स लगाने के लिए पहले भी बोला गया था. फिर भी कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है. तीन दिन के अंदर कार्रवाई नहीं की गई तो विभाग के खिलाफ एक्शन होगा.

-अभिलाषा गुप्ता

मेयर, नगर निगम इलाहाबाद

अवैध आरओ प्लांट तो पूरे शहर में चल रहे हैं. केवल शिवकुटी एरिया में 27 से अधिक हैं. ये जलकल के चार इंच की पाइप लाइन में एक इंच के पाइप का कनेक्शन लेकर पूरा पानी खींच लेते हैं. इससे घरों तक पेयजल पहुंच नहीं पाता और बहुत सारी पानी वेस्ट हो जा रहा है.

-कमलेश तिवारी

पार्षद, शिवकुटी

27

अवैध आरओ प्लांट हैं औसत हर वार्ड में

80

है नगर निगम के वार्डो की संख्या

30

रुपये वसूलते हैं 20 लीटर के आरओ केन का

750

केन औसत सप्लाई है प्रत्येक आरओ प्लांट की

22000

रुपये पर डे का बिजनेस है अवैध आरओ प्लांट को

05

रुपये प्रति केन मिलता है सप्लाई पहुंचाने वाले वेंडर्स को

01

रुपये न जीएसटी पे करते हैं और न ही कमर्शियल वाटर टैक्स