व्यापारियों ने दागा सवाल, ब्लैकमनी तुम रखो और दुकान हम बंद रखें

विपक्षी पार्टियों के प्रदर्शन और सभा तक ही सिमटा रहा बंद

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ALLAHABAD: ब्लैकमनी तुम रखो और दुकानें हम बंद करें? राजनीति तुम्हारी चमके और विरोध हम करें? भारत बंद का आहवान करने वाली विपक्षी पार्टियों पर यही सवाल दागते हुए व्यापारियों ने अभियान की हवा निकाल दी. दिनभर दुकानें खोलकर व्यापारियों ने संदेश दिया कि अब हम किसी राजनीतिक झांसे में नहीं आने वाले. यही नहीं व्यापारियों ने कहा कि नोटबंदी के समर्थन में वह घंटा दो घंटा एक्स्ट्रा दुकान खोलेंगे. इस बीच विरोध की राजनीति करने वाले दलों ने नोटबंदी पर मोदी सरकार को आड़े हाथ लिया.

खुले रहे सभी इलाकों में मार्केट

प्रधानमंत्री के नोटबंदी के फैसले के विरोध में तृणमूल कांग्रेस, कांग्रेस, सपा के साथ ही अन्य राजनीतिक दलों द्वारा 28 नवंबर को भारत बंद का एलान किया था. इसका शहर के व्यापारियों ने खुलकर विरोध किया. सिविल लाइंस, चौक, घंटाघर, जानसेनगंज, बहादुरगंज, मुट्ठीगंज, कटरा, हिवेट रोड, लीडर रोड के साथ ही अन्य मार्केट सुबह 9 बजे से 11 बजे के बीच जिस तरह से खुलते हैं, सोमवार को भी उसी तरह खुले. कहीं भी भारत बंद का कोई असर नहीं दिखाई दिया. सब कुछ सामान्य तरीके से चलता रहा.

राजनीतिक दलों का विरोध

कांग्रेसियों ने मनाया जनाक्रोश दिवस

मोदी सरकार के नोटबंदी के विरोध में कांग्रेसियों ने सोमवार को जनाक्रोश दिवस मनाया. शहर में जुलूस निकाला. चौक स्थित इमली के पेड़ के नीचे सभा की. इसमें पूर्व केंद्रीय मंत्री श्रीप्रकाश जायसवाल ने मोदी सरकार पर हमला बोला. उन्होंने कहा कि जब से नोट बंदी हुई है, प्रधानमंत्री ने 172 बार नियम तोड़े हैं. इसी से समझा जा सकता है कि नोटबंदी के फैसले को लेकर कितनी तैयारी की गई थी. लोगों का घर चलाना मुश्किल हो गया है. किसान और मजदूर भूखों मर रहे हैं. फसल बर्बाद हो रही है. सरकार को गरीबों की कोई परवाह नहीं है. किसी भी बैंक खाते से धन निकालने की इजाजत न देना आर्थिक अपराध है. इस दौरान विधायक अनुग्रह नारायण सिंह, जिलाध्यक्ष अनिल द्विवेदी, फुजैल हाशमी, प्रदेश प्रवक्ता किशोर वाष्र्णेय, संतोष मिश्रा, परवेज सिद्दीकी आदि मौजूद रहे.

रेलवे ट्रैक पर फूंका पीएम का पुतला

नोटबंदी के विरोध में समाजवादी पार्टी युवजन सभा के कार्यकर्ताओं ने इलाहाबाद-लखनऊ रेल ट्रैक रोकने का प्रयास किया, लेकिन उनका यह प्रयास सफल नहीं हुआ. उन्होंने पूर्व जिलाध्यक्ष रवींद्र यादव के नेतृत्व में रेलवे ट्रैक पर ही धरना दिया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला फूंका. प्रदर्शन व पुतला फूंकने वालों में अरुण गुप्ता, अनुराग सहगल, नितिन यादव, मनोज, दीपक, हीरा सिंह, शुभम यादव, विपिन यादव, राजेश यादव आदि शामिल रहे.

नोटबंदी को बताया तुगलकी फरमान

कांग्रेस और सपा के साथ ही वामदलों ने भी नोटबंदी का विरोध करते हुए कलेक्ट्रेट पर धरना प्रदर्शन किया और प्रधानमंत्री के फैसले को तुगलकी फरमान करार दिया. वाम दलों ने स्विस बैंक में पैसा रखने वाले 562 भारतीय पूंजीपतियों और नेताओं का नाम उजागर किए जाने की मांग की. कहा गया कि नोटबंदी के दौरान जिन लोगों की व बैंक कर्मचारियों की मृत्यु हुई है, उन्हें मुआवजा दिया जाए. प्रदर्शन करने वालों में सुधांशु मालवीय, नसीम अंसारी, डॉ. कमल, विजय श्रीवास्तव, हरिश्चंद्र द्विवेदी, झरना मालवीय, अंशू मालवीय, भीमसेन सिंह आदि शामिल रहे.

समर्थकों ने दिखाई ताकत

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नोटबंदी का विरोध करते हुए जहां विपक्ष ने प्रदर्शन किया, वहीं नोटबंदी के समर्थक दल भारतीय जनता पार्टी के साथ ही विभिन्न संस्थाओं और छात्रों ने अपनी ताकत का एहसास कराया. प्रधानमंत्री का विरोध करने वाले राजनीतिक दलों का पुतला फूंकने के साथ ही शांति मार्च निकाला गया.

कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन

कलेक्ट्रेट पर भाजपा नेताओं के साथ अधिवक्ताओं ने भी भारत बंद के विरोध में प्रदर्शन किया. वक्ताओं ने कहा कि पीएम के फैसले से काला धन रखने व भ्रष्टाचार करने वाले बौखला गए हैं. भाजपा के वरिष्ठ उपाध्यक्ष शनु भट्ट के नेतृत्व में पहुंचे लोगों ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन एडीएम सिटी को दिया. इस दौरान शिवम द्विवेदी, श्याम चंद्र, अमित मालवीय, आशीष शुक्ला, समीर त्रिपाठी, अखिलेश विसेन, जगदीश सिंह आदि शामिल रहे.

दसमुखी पुतला फूंका

भाजपा नेता अजय राय के नेतृत्व में कुंदन गेस्ट हाउस चौराहे पर नोट बंदी का विरोध करने वाले नेताओं का दस मुखी पुतला फूंका गया. नोट बंदी के समर्थन में नारेबाजी की गई. प्रदर्शन में प्रदीप कुमार गोस्वामी, राजीव कुमार सिंह, अविनाश चौधरी, प्रांजल यादव, साकेत तिवारी, अरविंद गिरि, विकास पांडेय, अजीत सिंह यादव, अमन सिंह यादव, चंदन सिंह पटेल, सूरज मिश्रा, गजेंद्र सिंह चौधरी आदि शामिल रहे.

विपक्षियों का पुतला फूंका

बहादुरगंज शिव चरण लाल रोड व्यापार मण्डल की ओर से व्यापारी नेता अमर वैश्य मुन्ना भईया के नेतृत्व में व्यापारियों ने मानसरोवर चौराहे पर विपक्षी दलों का पुतला फूंका और थू-थू दिवस मनाया. इस दौरान बैजनाथ केसरवानी, राजाबाबू गुप्ता, हनुमान केसरवानी, मोदन लाल, अशोक केसरवानी, विजय मौर्य, दशरथ केसरवानी, आनंद जायसवाल, अमित गुप्ता आदि मौजूद रहे.

छात्रों ने निकाला शांति मार्च

इलाहाबाद विश्वविद्यालय के छात्रों ने छात्रसंघ भवन से सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा तक शांति मार्च निकाला. छात्रों ने नोट बंदी के मुद्दे पर संसद को बाधित करने की निंदा की. वहीं नारेबाजी करते हुए कहा कि- कहीं नहीं कोई बंद है, सब मोदी जी के संग हैं. भारत माता की जय के जयकारे भी लगाए गए. शोध छात्र रामबाबू तिवारी ने कहा कि काला धन रखने वाले ही नोट बंदी का विरोध कर रहे हैं. ¨रकू पयासी, अनुभव उपाध्याय, जीतेंद्र शुक्लाआदि शामिल रहे.