- महिला ने अन्य लोगों के साथ षड्यंत्र रच पति को उतारा था मौत के घाट

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KASHIPUR: चार लोगों के साथ षड्यंत्र रच पति की हत्या करने की दोषी पत्नी समेत चार को द्वितीय जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत ने आजीवन कारावास और दस-दस हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई. अदालत ने एक आरोपित को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया.

कोर्ट ने एक आरोपी को किया बरी

काशीपुर के मंसूरी मार्केट, अल्लीखां निवासी नरगिस पत्नी स्व. नासिर हाल निवासी ग्राम कट्टैया काशीपुर ने 26 मई 2009 में कोतवाली में तहरीर देकर कहा कि 25 मई की शाम छह बजे पति नासिर घर से सब्जी लेने के लिए गया था, लेकिन घर वापस नहीं आया. बाद में नासिर का शव पॉलीटेक्निक के पास मिला. पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज कर जांच की तो पता लगा कि नरगिस ने मोहल्ला फारुख अगवानपुर, मुरादाबाद्र निवासी शहनवाज पुत्र सरफराज, कांकरखेड़ा, मुरादाबाद निवासी इस्लाम पुत्र समीर अहमद, रोहतक हरियाणा निवासी मुराद अली पुत्र असगर अली के साथ मिलकर नासिर की रस्सी से गला घोंटकर हत्या कर दी. साक्ष्य छिपाने के उद्देश्य से अभियुक्तों ने उसे पॉलीटेक्निक कॉलेज के पास फेंक दिया. वारदात का खुलासा करते हुए पुलिस ने नौ जून 2009 को मुराद अली, शहनवाज और इस्लाम को गिरफ्तार कर लिया. इस दौरान हत्या में कांकरखेड़ा, मुरादाबाद उप्र निवासी शाकिर पुत्र मोहम्मद यासीन का नाम भी प्रकाश में आया. जिसके बाद पुलिस ने 11 जून 2009 को नरगिस और 19 जून को शाकिर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया. शुक्रवार को द्वितीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश ओमकुमार की अदालत ने शहनबाज, इस्लाम, मुराद अली व नरगिस को आजीवन कारावास की सजा सुनाने के साथ ही सभी पर 10-10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया, जबकि शाकिर को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया.